मुख्यमंत्री श्री चैहान अल्प प्रवास पर विदिशा आए
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान आठ अपै्रल शुक्रवार की सायंकाल पांच बजे अल्पप्रवास पर विदिशा आए।मुख्यमंत्री श्री चैहान ने बैसनगर में स्थित अपने फार्म हाउस में पहुंचकर उद्यानिकी फसलों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री श्री चैहान को विदिशा की चिरौली वाली माता क्षेत्र के रहवासी श्री वीर सिंह प्रजापति ने बताया कि उनकी 13 वर्षीय बच्ची निकिता प्रजापति को चूहो के द्वारा काट लिया गया था जिसका इलाज कराया गया है किन्तु पैर अभी सीधे नही हुए है। मुख्यमंत्री श्री चैहान ने भोपाल के चिकित्सकों से तत्काल बात कर बच्ची का बेहतर इलाज का प्रबंध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री चैहान ने कलेक्टर श्री एमबी ओझा को निर्देशित किया कि बच्ची को भोपाल इलाज हेतु शीघ्र रवाना कराएं। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र चैधरी भी साथ मौजूद थे।
जिला सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक आज
स्थानीय सांसद एवं केन्द्रीय विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज की अध्यक्षता में जिला सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक आज नौ अपै्रल शनिवार को आयोजित की गई है। कलेक्टर एवं समिति के सचिव श्री एमबी ओझा ने बताया कि यह बैठक विदिशा जनपद पंचायत के सभागार कक्ष में प्रातः 11 बजे से प्रारंभ होगी।
नव वर्ष महोत्सव धूमधाम से मना
सनातन गौ धर्म सेवा समिति द्वारा क्रांति चैक पर नववर्ष महोत्सव बडी ही धूमधाम से मनाया गया। गुडी पडवा के पर्व पर प्रातःकाल सभी भक्तों द्वारा गणेश पूजन, पचांग पूजन किया गया। समिति के कार्यकर्ताओं द्वारा नए साल का स्वागत एक दूसरे को तिलक लगाकर किया गया। उसके पश्चात् समिति के अध्यक्ष पं0 गिरीश भार्गव द्वारा ब्राम्हण पूजन एवं पंचाग वितरित किए गए तथा समिति के संचालक पं0 पीलेश कृष्ण जी द्वारा सभी लोगो को संवत्सर फल सुनाया गया। जिसमें उन्होंने कहा कि इस संवत 2073 में सौम्य नाम संवत्सर है जिससे कि भारत में अन्न फल की उपज अच्छी होगी तथा वर्ष का राजा शुक्र होने से प्रचुर वर्षा से नदियों में जल की बढ़ोतरी तथा उपज में वृद्धि होगी। मंत्री बुध होने से स्त्रियां सांसारिक सुख भोगेगी। मसूर चना की मंहगाई होगी। कार्यक्रम में शंकरलाल शास्त्री, सुन्दर लाल दुबे, गिरीश भार्गव, वीर सिंह दांगी, सुल्तान बुदंेला, सुल्तान सिंह बुदेंला, महेश विश्वकर्मा, अजय कटियार, मोहन यादव, कैलाश यादव, वामन राव पेडपडे, भारत सिंह यादव, शैलेन्द्र सरवैया, रामलाल जी रघुवंशी, तुलसीराम यादव, संजय यादव मुख्य रूप से शामिल हुए।
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