मथुरा में खूनी हिंसा, दो पुलिस अधिकारी, एक महिला समेत 24 की मृत्यु, 368 गिरफ्तार - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 3 जून 2016

मथुरा में खूनी हिंसा, दो पुलिस अधिकारी, एक महिला समेत 24 की मृत्यु, 368 गिरफ्तार

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मथुरा, 03 जून, प्यार मोहब्बत का सन्देश देने वाली भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा कल खूनी हिंसा से दहल उठी। मथुरा के जवाहरबाग में पूरी नहीं होने वाली मांग की आड में सत्याग्रह कर रहे लोगों और पुलिस की फायरिंग में पुलिस अधीक्षक (नगर) मुकुल द्विवेदी और फरह के थानाध्यक्ष सन्तोष यादव शहीद हो गये जबकि एक महिला समेत 22 कथित सत्याग्रही भी मारे गये। इस तरह इस घटना में 24 लोगों की जान गयी है। इसमें करीब 100 लोग घायल हुए जिसमें 23 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। घटना में नगर मजिस्ट्रेट को भी चोटें आयी हैं1 साथी मुकुल द्विवेदी की मृत्यु से आहत पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) ए के सिंह ने मृतकों की संख्या की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनो पुलिस अधिकारियों की मृत्यु से पूरा महकमा दु:खी है। इस बीच, राज्य के पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद ने बताया कि इस सिलसिले में 368 लाेगों को गिरफ्तार किया गया है।

इस घटना के संबंध में थाना सदर बाजार पर मु0अ0सं0 242/16 धारा 147/148/149/307/302/ 332/ 333/ 353/186/188 भादवि व सात सीएलए एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है। इसके साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा कानून(रासुका) के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना था कि कथित सत्याग्रहियों में मारे गये 22 लोगों में से 11 की आग से झुलसकर मृत्यु हुई है। अपने टेण्टों में सत्याग्रहियों ने स्वयं आग लगायी थी। उन्होंने कहा कि पुलिस कल स्थितियों का आकलन करने गयी थी। अवैध कब्जेदारों पर कार्रवाई तो तय थी लेकिन दो-तीन दिन बाद। एक रुपये में 60 लीटर डीजल, एक रुपये में 40 लीटर पेट्रोल, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के चुनाव रद्द किये जाने, नेता जी सुभाष चन्द्र बोस के नाम से मुद्रा चलाने जैसी अजीबोगरीब मांग कर रहे कथित सत्याग्रही उद्यान विभाग की करीब 280 एकड भूखण्ड जवाहरबाग में ढाई वर्ष से कब्जा जमाये बैठे थे। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने रामवृक्ष यादव के नेतृत्व में सत्याग्रह कर रहे लोगों से जवाहरबाग खाली करने का आदेश दिया था। इसके बाद रामवृक्ष की ओर से दायर पुनर्विचार याचिका को खारिज करते हुए न्यायालय ने उसके ऊपर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था। उच्च न्यायालय में अधिवक्ता विजयपाल सिंह तोमर ने जनहित याचिका सं0 28807/2015 दायर की थी जिसमें न्यायालय ने पिछले वर्ष 20 मई को इन अवैध कब्जाधारियों से जवाहरबाग को खाली कराने का आदेश दिया था।

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