मुंबई, 10 जून, बम्बई उच्च न्यायालय ने पंजाब में नशे की समस्या को उजागर करती विवादों में घिरी फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ के केवल एक दृश्य को काटने के बाद इसे रिलीज किये जाने का रास्ता साफ करने का संकेत देते हुए आज इस मामले पर फैसला 13 जून तक के लिए सुरक्षित रख लिया। न्यायाधीश धर्माधिकारी ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के वकील की उस दलील को भी खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि फिल्म के निर्माता-निर्देशक ने कहा था कि फिल्म हिंदी भाषा में है लेकिन इसके कई दृश्यों में पंजाबी भी बोली गयी है। उन्होंने कहा “क्या आप यह कहना चाह रहे हैं कि आपने भाषा समझे बगैर दृश्यों के काट-छांट के आदेश दे दिए।”
न्यायालय ने सीबीएफसी से कहा कि वह जनता को तय करने दे कि उन्हें क्या देखना है। उसके इस रूख से शाहिद कपूर और आलिया भट्ट अभिनीत इस फिल्म के 17 जून को रिलीज होने का रास्ता साफ हो गया है। गौरतलब है कि फिल्म के सह निर्माता अनुराग कश्यप ने कल न्यायालय में गुहार लगायी थी कि सीबीएफसी के अधिकारियों ने गत तीन जून को फिल्म का अवलोकन किया था लेकिन इसके बावजूद अब तक फिल्म को काेई सर्टिफिकेट नहीं दिया गया। सीबीएफसी ने पूर्व में फिल्म में 94 काट-छांट के लिए कहा और अब इसे घटाकर 13 कर दिया गया है। सीबीएफसी ने बम्बई उच्च न्यायालय को सूचित किया है कि ड्रग्स की थीम पर आधारित इस फिल्म के कुछ दृश्यों को काटे जाने के निर्देश के बाद फिल्म को ‘ए’ सर्टिफिकेट दिया है।

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