नयी दिल्ली 03 जून, तीस साल के बाद देश में बन रही नयी शिक्षा नीति के मसौदे को सार्वजनिक करने के मुद्दे पर सरकार और मसौदा समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट सचिव टी एस आर सुब्रह्मण्यम के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गयी है। मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति इरानी ने नयी शिक्षा नीति के मसौदे को अभी सार्वजानिक करने से मना कर दिया है , जबकि श्री सुब्रह्मण्यम ने कहा है कि अगर सरकार ने रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की , तो वह खुद इस रिपोर्ट को सार्वजनिक कर देंगे। श्रीमती ईरानी आज जब अपने मंत्रालय की दो साल की उपलब्धियों की चर्चा के लिए प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित कर रही थी ,तभी पत्रकारों ने उनसे पूछा कि सुब्रह्मण्यम समिति ने नयी शिक्षा नीति के मसौदे को जब सरकार को सौंप दिया है तो सरकार इसे कब सार्वजानिक करेगी ,उन्होंने कहा कि वह किसी एक व्यक्ति को महिमा मंडित करने और अख़बारों में किसी को सुर्खियां बटोरने के लिए रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं करेंगी। उन्होंने कहा कि नयी शिक्षा नीति के बारे में राज्यों की राय मिलने के बाद ही वह इसे सार्वजानिक करेंगी, क्योंकि वह राज्यों के साथ समन्वय और उनके विश्वास को तोडना नहीं चाहती हैं। नयी शिक्षा नीति का मसौदा किसी व्यक्ति की जागीर नहीं है भले ही कोई अख़बार की हेडलाइन का खुद श्रेय लेना चाहता हो। गौरतलब है कि श्री सुब्रह्मण्यम ने श्रीमती ईरानी को तीन पृष्ठ का पत्र लिखकर इस रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की और यह धमकी भी दी कि अगर वह यह रिपोर्ट नहीं जारी करेंगी तो वह इसे खुद सार्वजानिक कर देंगे।
शुक्रवार, 3 जून 2016
सरकार और शिक्षा नीति मसौदा समिति के अध्यक्ष के बीच टकराव
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