दिल्ली के मुक्तधारा ऑडिटोरियम मे महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर काम कर रहे एनजीओ मिर्ची झोंक ने आगाज नामक नाटक का मंचन किया। इस प्रेरणादायक प्ले का मुख्य उद्देश्य हमारे समाज मे महिलाओं के प्रति किए गए कठोर ओर अमानवीय रवाइयों के खिलाफ आवाज उठाना है। इस रंगमंच प्रस्तुति के जरिए महिलाओं के प्रति हमारे समाज में मौजूद रूढ़िवादी विचारधारा बेवजह पाखंड का दोहन करना है। इस प्ले के जरिए मिर्ची झोंक ने महिलाओं के प्रति हमारे व्यवहार पर पुनः विचार करना है।
मिर्ची झोंक के संस्थापक, डॉ सीमा मलिक ने कहा है कि ‘मिर्ची झोंक’ एनजीओ में हम महिलाओं को सशक्त एवं अत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें आत्म रक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के लिए तत्पर हैं ताकि महिलाएं जरूरत पड़ने पर छेड़छाड़, बलात्कार और दहेज हत्या के रूप होने वाले अत्याचारों से खुद निबट सके। उदाहरण के लिए जैसे पीपर स्प्रे का सही प्रयोग की ट्रेनिंग देकर उन्हें जागरूक करते हैं, साथ ही उन्हें मनोरंजन के साधन जैसे थिएटर और फिल्म के माध्यम से भी जागरूक किया जाता है”।
मिर्ची झोंक के डायरेक्टर, सौरभ मलिक पेशे से अभिनेता हैं, उन्होंने अपने करियर की शुरुआत समीक्षकों द्वारा प्रशंसित राजनीतिक व्यंग्य अब होगा ड्रामा अनलिमिटेड से की है। इस प्ले के निर्देशक सुमित चड्डा, सजून मीडिया कंपनी की निर्देशक है, सुमित चड्डा इसी सामाजिक मुद्दे के लिे जुड़कर काफी खुश नजर आए। प् इस यथार्थवादी प्ले ने दर्शकों को बहुत ही भावुक कर दिया। प्ले के आखिर में डॉ सीमा मलिक प्ले से बहुत प्रभावित हुई उन्होंने उपहार ओर प्रमाण पत्र वितरित किए।
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