नयी दिल्ली 26 जुलाई भारतीय रेलवे इस साल ट्रेनों में करीब 30 हजार जैव शौचालय लगाये जायेंगे जबकि अब तक 40,000 से अधिक जैव शौचालयों को लगाया जा चुका है। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने आज यहांं रेल मंत्रालय और भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के बीच रेलवे की उत्पादन इकाइयों, रेलवे परिसरों को ग्रीन रेटिंग की खातिर मूल्यांकन एवं प्रमाणन करने के लिये एक समझौता (एमओयू) ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाने के मौके पर यह बात कहीं। श्री प्रभु ने इस मौके पर स्वच्छता रैंकिंग के लिए प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर यात्री प्रतिक्रिया सर्वेक्षण पर अंतिम रिपोर्ट का ई-विमोचन भी किया। रेल एवं संचार (स्वतंत्र प्रभार) राज्य मंत्री मनोज सिन्हा और रेल राज्य मंत्री राजेन गोहैन भी इस अवसर पर मौजूद थे।
रेल मंत्री ने कहा कि यह तथ्य है कि रेलवे एक पर्यावरण अनुकूल परिवहन है और भारतीय रेल द्वारा बहुआयामी हरित पहलों को चलाया जा रहा है। इन पहलों में ऊर्जा की खपत में नवीकरणीय ऊर्जा का हिस्सा, जल लेखा परीक्षा सहित बेहतर जल प्रबंधन और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन शामिल हैं। श्री प्रभु ने कहा कि सीआईआई के सहयोग से रेलवे वैश्विक मानकों के सापेक्ष अपनी हरित पहलों का मूल्यांकन करने में सक्षम होगी। सीआईआई के साथ साझेदारी ठीक समय पर हुई है जब रेलवे सतत विकास की पद्धति में परिवर्तन कर रहा है। भारतीय रेल सरकार की हर पहल में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। अभी हाल में दक्षिण रेलवे के मनमदुरै - रामेश्वरम खंड को पहला हरित सेक्सन घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि भारतीय रेलवे ने अभी तक 40,000 से अधिक जैव शौचालयों की व्यवस्था की है। इस वर्ष के दौरान 30,000 अन्य जैव शौचालयों को जोड़ा जाना प्रस्तावित है।
हस्ताक्षर समारोह में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ए.के. मित्तल, सदस्य मैकेनिकल हेमंत कुमार और बोर्ड के अन्य सदस्य तथा वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। रेल मंत्रालय की ओर से श्रीमती कल्याणी चड्ढा, ईडीएमई (डब्ल्यू) तथा सीआईआई की ओर से उसके उप महानिदेशक एस रघुपति ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस समझौता ज्ञापन पर रेल मंत्री की बजट घोषणा की पृष्ठभूमि में हस्ताक्षर किए गए हैं।
समारोह में श्री सिन्हा ने कहा कि रेलवे की देश के लगभग सभी भागों में अपनी उत्पादन इकाइयां हैं उन्हें सौर ऊर्जा, ऊर्जा लेखा परीक्षा और जल संचयन जैसे कुछ पर्यावरण के अनुकूल उपायों को सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन सभी उपायों को ध्यान में रखते हुए, आज के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये गए हैं ताकि पर्यावरण के अनुकूल कदम उठाए जा सकें। नये रेल राज्य मंत्री श्री गोहैन ने कहा कि रेलवे देश का सबसे बड़ा उद्योग है और वह पर्यावरण अनुकूल उपायों के बारे में सचेत है और उसके उपाय कार्यान्वयन के बाद महत्वपूर्ण परिवर्तन ला सकते हैं।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें