बिहार में बाढ़ की स्थिति और हो सकती है गंभीर - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 26 जुलाई 2016

बिहार में बाढ़ की स्थिति और हो सकती है गंभीर

पटना 26 जुलाई  नेपाल के तराई क्षेत्रों में पिछले एक सप्ताह से जारी भारी बारिश के कारण वाल्मीकि नगर गंडक बराज से देर रात तक छह लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की संभावना के बाद उत्तर बिहार के कुछ जिलों में बाढ़ की स्थिति और गंभीर होने की आशंका है।


आपदा प्रबंधन विभाग के सूत्रों ने आज यहां बताया कि बाढ़ से निपटने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया के अनुरूप जिलों द्वारा तैयारी की गई है। वर्तमान में महानन्दा, बखरा, कंकई, परमार एवं कोसी नदी के जलस्तर में उफान से राज्य के पूर्णियां, किशनगंज, अररिया, दरभंगा, मधेपुरा, भागलपुर, कटिहार एवं सुपौल जिला बाढ़ से प्रभावित हैं। बागमति, कमला बलान , कोसी और महानन्दा कई जगहों पर एक या एक से अधिक स्थानों पर खतरे के निशान से उपर बह रही है।



सूत्रों ने बताया कि बाढ़ के मद्देनजर सुपौल, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, दरभंगा एवं दीदारगंज, पटना में नेशनल डिजॉस्टर रिस्पांस फोर्स (एन0डी0आर0एफ) की एक-एक टीमें लगायी गयी है, जबकि खगडि़या, सीतामढ़ी, पूर्णियां, भागलपुर, मधुबनी, मधेपुरा में स्टेट डिजॉस्टर रिस्पांस फोर्स (एस0डी0आर0एफ) की एक-एक टीम पहले से ही तैनात है। वहीं एन0डी0आर0एफ0 एवं एस0डी0आर0एफ0 की दो-दो टीमें बिहटा, पटना में सुरक्षित रखी गई है। बाढ़ के कारण राज्य के आठ जिलों के 34 प्रखंडों के 1324 गांव की करीब साढ़े चार लाख की आबादी प्रभावित है।

सूत्रों ने बताया कि बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए 338 सरकारी और 203 निजी नाव का परिचालन किया जा रहा है। बाढ़ग्रस्त इलाकों से निकाले गये प्रभावित लोगों के रहने के लिए 194 शिविर लगाये गये हैं जिनमें इस समय करीब 52 हजार लोग रह रहे हैं। इसके अलावा 12 पशु शिविर भी लगाये गये हैं। वहीं प्रभावितों के 46 चिकित्सा दलों को लगाया गया है। बाढ़ से अबतक नौ लोगों की मौत हुई है। इस बीच दरभंगा से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार जिला प्रशासन ने कुशेश्वरस्थान पूर्वी में बाढ़ की स्थिति गंभीर होने के कारण बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर अगले आदेश तक सभी सरकारी और निजी विद्यालयों को बंद रखने का आदेश दिया है। 



बगहा से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार नेपाल में जारी भीषण बारिश के बाद वाल्मीकिनगर गंडक बराज से आज साढ़े तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है और देर रात तक छह लाख क्यूसेक अतिरिक्त पानी छोड़े जाने की संभावना है। गंडक नदी के किनारे बसे इलाकों की स्थिति पर नजर रखने के लिए सभी अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इससे पूर्व वाल्मीकिनगर गंडक बराज के एक गेट के टूट जाने से बगहा पर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. जानकारी के मुताबिक पश्चिम चंपारण के गंडक बराज के गेट नंबर 33 के गुरुवार देर रात टूट जाने से स्थिति नाजुक हो गयी है।

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