नयी दिल्ली 26 जुलाई, पूरे देश को एक बाजार बनाने एवं एक समान अप्रत्यक्ष कर तंत्र बनाने के उद्देश्य से जुडे वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संविधान संशोधन विधेयक पर राज्यों के बीच आम सहमति नहीं बन पायी है।
वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में इस संबंध में राज्यों के वित्त मंत्रियों की बैठक हुयी लेकिन उसमें इस विधेयक पर आम सहमति नहीं बन पायी है। राज्यों के वित्त मंत्रियों की उच्चाधिकार प्राप्त समिति के अध्यक्ष एवं पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि इस पर आम सहमति बनी है कि आम लोगों पर कर का भार नहीं डाला जाना चाहिए और साथ ही राज्यों का राजस्व भी नहीं घटना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्री जेटली ने केन्द्र एवं राज्य के दोहरे नियंत्रण को समाप्त करने का निर्णय लिया है और जीएसीटी विधेयक को क्रियान्वित करने में राज्यों की अहम भूमिका होगी।
उन्होंने कहा कि आम लोगों पर कर का बोझ कम किया जाना चाहिए और राज्यों के राजस्व में भी कमी नहीं आनी चाहिए। केन्द्र ने कर के बोझ को कम करने के साथ ही राज्यों को होने वाले नुकसान की पांच वर्षाें तक भरपाई करने की गांरटी दी है।

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