जीएसटी विधेयक पर नहीं बनी सहमति - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

मंगलवार, 26 जुलाई 2016

जीएसटी विधेयक पर नहीं बनी सहमति

नयी दिल्ली 26 जुलाई, पूरे देश को एक बाजार बनाने एवं एक समान अप्रत्यक्ष कर तंत्र बनाने के उद्देश्य से जुडे वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संविधान संशोधन विधेयक पर राज्यों के बीच आम सहमति नहीं बन पायी है। 
वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में इस संबंध में राज्यों के वित्त मंत्रियों की बैठक हुयी लेकिन उसमें इस विधेयक पर आम सहमति नहीं बन पायी है। राज्यों के वित्त मंत्रियों की उच्चाधिकार प्राप्त समिति के अध्यक्ष एवं पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि इस पर आम सहमति बनी है कि आम लोगों पर कर का भार नहीं डाला जाना चाहिए और साथ ही राज्यों का राजस्व भी नहीं घटना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्री जेटली ने केन्द्र एवं राज्य के दोहरे नियंत्रण को समाप्त करने का निर्णय लिया है और जीएसीटी विधेयक को क्रियान्वित करने में राज्यों की अहम भूमिका होगी। 

उन्होंने कहा कि आम लोगों पर कर का बोझ कम किया जाना चाहिए और राज्यों के राजस्व में भी कमी नहीं आनी चाहिए। केन्द्र ने कर के बोझ को कम करने के साथ ही राज्यों को होने वाले नुकसान की पांच वर्षाें तक भरपाई करने की गांरटी दी है।

कोई टिप्पणी नहीं: