- 1 अगस्त को विधानसभा के समक्ष दिया जाएगा एकदिवसीय धरना
- आइसा के राज्य सम्मेलन के अवसर पर 11 अगस्त को ‘शिक्षा बचाओ-बिहार बचाओ’ कन्वेंशन का आयोजन.
- भाकपा-माले की राज्य स्थायी समिति की एक दिवसीय बैठक संपन्न.
पटना 27 जुलाई 2016, भाकपा-माले की राज्य स्थायी समिति की एक दिवसीय बैठक संपन्न हो गयी. यह बैठक भाकपा-माले राज्य कार्यालय में आयोजित की गयी थी. बैठक में आगामी विधानसभा सत्र में उठाये जाने वाले मुद्दों पर चर्चा हुई. यह तय हुआ कि टाॅपर घोटाला के राजनीतिक संरक्षण की उच्चस्तरीय जांच और देश व राज्य में दलितों पर बढ़ते दमन-उत्पीड़न को माले विधायक दल प्रमुखता से उठायेगा. इन दो महत्वपूर्ण मुद्दों के अलावा बिहार मे ं बाढ़-सूखाड़ की स्थिति, कदवन जलाशय परियोजना, मध्याह्न भोजन योजना से जुड़ी महिलाओं को एनजीओ के हवाले करने आदि मसलों को भी उठाया जाएगा. बैठक के हवाले से यह जानकारी माले के पोलित ब्यूरो सदस्य काॅ. धीरेन्द्र झा ने दी. बैठक में माले महासचिव काॅ. दीपंकर भट्टाचार्य, राज्य सचिव कुणाल, पोलित ब्यूरो सदस्य अमर, केंद्रीय कमिटी सदस्य रामजतन शर्मा, नंदकिशोर प्रसाद, सरोज चैबे, मीना तिवारी, केडी यादव, राजाराम सिंह, शशि यादव, अरूण सिंह, महानंद, जवाहर लाल नेहरू, संतोष सहर, राजाराम, जितेन्द्र कुमार, मनोहर सिंह, नईमुद्दीन अंसारी, इंद्रजीत चैरसिया, आर एन ठाकुर आदि शामिल थे.
काॅ. धीरेन्द्र झा ने कहा कि उपर्युक्त मसलों पर 1 अगस्त को विधानसभा के समक्ष धरना दिया जाएगा और 2 अगस्त को बिहार राज्य मध्याह्न भोजन रसोइया की ओर से धरना दिया जाएगा. हमारी पार्टी विधानसभा के अंदर और बाहर दोनों जगह संघर्ष जारी रखेगी. आइसा के 10 वें राज्य सम्मेलन के अवसर पर 11 जुलाई को पटना में ‘शिक्षा बचाओ-बिहार बचाओ’ कन्वेंशन का आयोजन किया जाएगा. जिसमें प्रख्यात शिक्षाविदों, विभिन्न शिक्षक संगठनों, मदरसा के प्रतिनिधियों, दलित संगठनों आदि के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा. बिहार में टाॅपर घोटाले ने न केवल शिक्षा जगत के भीतर की अराजकता व भ्रष्टाचार को जाहिर किया है, बल्कि शिक्षा नीति की असफलता को भी जाहिर किया है. शिक्षा बचाने का सवाल आज बिहार की राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा है. आगामी 19-21 सितंबर को पार्टी का बिहार राज्य सम्मेलन सासाराम में भी तय किया गया.

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