देहरादून 27 जुलाई, उत्तराखंड में चमोली से सटी चीन सीमा पर चीनी सैनिकों की घुसपैठ का मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में इसकी पुष्टि करते हुए आज कहा कि चीनी सैनिकों ने चमोली जिले में सीमा पर घुसपैठ की है, लेकिन अच्छी बात यह है कि वहां मौजूद महत्वपूर्ण नहर तक चीनी सेना नहीं पहुंच पायी। उन्हाेंने कहा,“मुझे यकीन है कि केंद्र सरकार इस घटना का संज्ञान लेगी। ”
श्री रावत ने कहा कि चमोली जिले में सीमा पर हो रही इस घुसपैठ का पता तब चला जब सीमा क्षेत्र का निरीक्षण करने पहुंची प्रशासन की टीम को चीनी सैनिकों ने जांच करने से रोकते हुए वापस जाने को कहा। हर बार की तरह इस बार भी जोशीमठ के उप जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह के नेतृत्व में जिला प्रशासन की 19 सदस्यीय टीम 19 जुलाई को सीमा पर निरीक्षण के लिये गयी थी।” उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार टीम सुमना क्षेत्र तक वाहन से पहुंची। वहां होतीगाड़ नदी का जल स्तर बढ़ने से टीम को वाहन वहीं छोड़ने पड़े। इसके बाद दूसरे छोर पर खड़े वाहनों से यह टीम सेना चौकी रिमखिम पहुंची। करीब आठ किलोमीटर दूर सीमा क्षेत्र में पहुंचने पर टीम के सदस्यों ने वहां पहले से मौजूद चीनी सैनिकों को देखा। भारतीय दल को देखते ही चीनी सैनिकों ने तीखी प्रतिक्रिया की और टीम सदस्यों को तुरंत लौटने का इशारा किया। इसके बाद टीम के सदस्यों ने लौटकर इसकी जानकारी सीमा क्षेत्र में मुस्तैद भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के अधिकारियों को दी।

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