रांची 27 जुलाई, झारखंड में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए उर्जा विभाग ने 2018-19 तक का रोड मैप तैयार किया है। राज्य के ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव आर के श्रीवास्तव ने आज यहां संवाददाता सम्मेलन में बताया कि झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) द्वारा आगामी तीन-चार वर्षों में संचरण एवं वितरण की आधारभूत सरंचना पर 14-14 हजार करोड़ रुपये व्यय किये जाने की योजना है तथा फंड के लिये विशेष कार्ययोजना तैयार की जा रही है। उन्होंने संचरण की जानकारी देते हुए कहा कि झारखंड बनने के बाद पहली बार वित्त वर्ष 2015-16 में 5 ग्रिड सब-स्टेशन स्थापित किये गये हैं। साथ ही चालू वित्त वर्ष में 5 और ग्रिड सब स्टेशन अधिष्ठापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2016-17 के 5 ग्रिड स्टेशन के प्रारंभ होने के पश्चात क्षमता 2604 मेगावाट हो जायेगी। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2016-17 में सब स्टेशन जसीडीह, गिरिडीह, गोड्डा, रातू, चतरा, खूंटी, सरिया, जमुआ, चन्दनकियारी, बहरागोड़ा, चतरा और राजमहल से संबंधित संचरण लाइन के लिये निविदा आमंत्रित कर दी गई है जिसके लिये वित्त वर्ष में कार्यादेष निर्गत करने का लक्ष्य है तथा कार्य पूरा करने के लिये 18 महीने का लक्ष्य रखा गया है।
इन ग्रिडों के निर्माण के उपरांत कुल क्षमता 3484 मेगावाट हो जायेगी। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि विद्युत मंत्रालय भारत सरकार द्वारा सभी को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिये अगले तीन वर्षों में शेष बचे 52 अद्द ग्रिड सब-स्टेशन तथा संबंधित संचरण लाईनों के निर्माण करने की योजना भी बना ली गई है। जिसके पूर्ण होने के उपरांत पूरे राज्य में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति की जा सकेगी।

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