नयी दिल्ली 28 जुलाई, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि भारत चक्रीय बदलाव का इंतजार नहीं कर सकता है और हमें व्यापक पैमाने पर परिवर्तन की जरूरत है और यह सिर्फ नीतिगत सुधारों से हो सकता है। श्री मोदी ने नीति आयोग के अगले 15 वर्षाें के विजन डॉक्युमेंट (दृष्टिकोण पत्र) तैयार करने के मद्देनजर यहाँ आयोग की बैठक में कहा कि आयोग भारत के लिए यह पत्र तैयार कर सही दिशा में काम कर रहा है। भारत चक्रीय बदलाव का इंतजार नहीं कर सकता है। हमें व्यापक स्तर पर परिर्वतन की जरूरत है और यह सिर्फ बडे स्तर पर नीतिगत बदलाव के संभव नहीं है। उन्होंने कहा ‘‘ मैं प्रयोगधर्मी हूँ और मुझ में हिम्मत है।’’ उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी संचालित प्रशासन से जहाँ गति निश्चित की जा सकेगी वहीं पारदर्शिता और जिम्मेदारी भारत के लिए समय की माँग है। भविष्य के लिए हमारा दृष्टिकोण सुशासन, भारतीयों के जीवन को बेहतर बनाना होना चाहिए। इसके साथ ही कृषि के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी आधारित नवाचार की आवश्यकता है जिससे क्रांतिकारी बदलाव आ सके और करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकाला जा सके। प्रधानमंत्री ने कहा कि पर्यटन जैसे क्षेत्र में कम दक्ष लोगों को रोजगार दिलाने की अपार संभावना है। इस मामले में उन्होंंने सिक्किम का उदारहण भी दिया। उन्होंने कहा कि नीति आयोग को नवाचार को गति देने और भारत के विकास के लिए दायरे से बाहर जाकर सोचना चाहिए। भारत को अपने प्राकृतिक संसाधनों के साथ ही मानव संसाधनों के विकास के लिए आगे की रणनीति बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश के विकास की रणनीति बनाने के दौरान वर्तमान संसाधनों के अधिकतम उपयोग की रूपरेखा तय की जानी चाहिए। अधिकतम लोगों को लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से वर्तमान संस्थानों और संसाधनों के बहु उपयोग पर भी विचार करने की आवश्यकता है।
शुक्रवार, 29 जुलाई 2016
देश में क्रांतिकारी बदलाव के लिए बड़े पैमाने पर नीतिगत सुधार की जरूरत: मोदी
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