पटना 04 जुलाई (वार्ता) बिहार में पटना की एक विशेष अदालत ने फर्जी तरीके से बिहार इंटरमीडिएट की परीक्षा में टॉपर बनी रूबी राय को आज निगरानी की विशेष अदालत ने जेल से रिमांड होम भेजने का आदेश दिया। निगरानी के विशेष न्यायाधीश राघवेन्द्र कुमार ने यहां मामले में सुनवाई के दौरान रुबी राय के मैट्रिक के प्रमाण पत्र में अंकित जन्म तिथि को देखने के बाद यह आदेश दिया है। अदालत ने उसे नाबालिग पाने के बाद पटना के बेऊर जेल से स्थानांतरित कर रिमांड होम भेजने का आदेश दिया। इसबीच टॉपर्स फर्जीवाड़ा मामले की जांच की कमान संभाल रहे पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनु महाराज ने कहा कि न्यायालय के आदेश का पूरी तरह से पालन किया जायेगा । आदेश की प्रति मिलते ही रुबी को रिमांड होम में स्थानांतरित कर दिया जायेगा ।
कला संकाय की टॉपर बनी रुबी 25 जून को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से गठित मेधा जांच समिति के समक्ष साक्षत्कार के लिए उपस्थित हुयी थी । साक्षत्कार के दौरान रुबी ने संतोषप्रद उत्तर नहीं दिया था और उसके बाद उसे गिरफ्तार कर बेऊर जेल भेज दिया गया था । रुबी के इंटरमीडिएट के परिणाम को भी रद्द कर दिया गया था । टॉपर्स फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद विज्ञान संकाय के टॉपर सौरभ श्रेष्ठ तथा विज्ञान संकाय के ही तीसरे टॉपर राहुल कुमार की भी फिर से परीक्षा ली गयी थी जिसमें दोनो अनुत्तीर्ण हो गये थें । विद्यालय परीक्षा समिति ने इंटरमीडियेट विज्ञान संकाय के दोनों टॉपर सौरभ और राहुल के निबंधन को भी रद्द कर दिया था । फर्जीवाड़ा के मास्टर माइंड वैशाली जिले के विशुनदेव राय इंटर कॉलेज के प्राचार्य सह कर्ताधर्ता अमित कुमार उर्फ बच्चा राय के कॉलेज से ही सौरभ , राहुल और रुबी छात्र हैं ।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें