बेगूसराय (बिहार) की खबर (08 अगस्त) - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 8 अगस्त 2016

बेगूसराय (बिहार) की खबर (08 अगस्त)

विवादित ज़मीन से जीवन को खतरा

begusarai news
अरुण कुमार,मटिहानी,बेगुसराय। बदमाशों ने घटना को अंजाम तब दिया जब ख़ुशबु कुमारी घर में अकेली थी,खुशबु को बगलगीर ने मार मार कर अधमरा कर दिया।यह विवाद उस ज़मीन के लिए है जिस ज़मीनी विवाद को ग्राम पंचायत,नगर निगम ,या ज़िला परिषद को स्वतः खत्म करना चाहिए क्योंकि ये मामला रास्ता का है,रास्ता भी वो जो खुशबु के घर को मुख्य सड़क से जोड़ता है।रास्ता एक ऐसा अनिवार्य हक़ है जिस पर सब का सामान्य अधिकार है। उसी ज़मीन को विवादित बनाकर गौरी शंकर साह,पप्पु साह और उनके परिवार के लोगों ने उस वक़्त घात लगाकर हमला किया जब घर पर कोई भी पुरुष नहीं थे सिर्फ खुशबू कुमारी और उसकी माँ ही घर पर थी,अपराधियों ने उसे बेहिसाब मार कर लगभग उसके जीवन का हिसाब ही कर दिया था लेकिन बेसहारा खुशबु को इलाज के लिए मार पीट के बाद ग्रामीणों ने सदर अस्पताल बेगुसराय में भर्ती करवाया अभी भी उक्त लड़की इलाजरत है।सिंघौल थाना के काण्ड संख्या 319/16,धारा 341,323,337,504,354/34 भादवि है।जिसमें पप्पु साह की गिरफ्तारी हो चुकी है और गौरी शंकर साह अभी भी फरार बताया जा रहा है।सूत्रों की मानें तो प्रतिवादी घर की एक महिला ने साजिश के तहत अपना सर खुद फोड़कर उसी अस्पताल के उसी वार्ड में एडमिट है जिस वार्ड में खुशब इलाजरत है।खुशबु  बेगूसराय रंगमंच की सक्रिय कलाकार भी है जिसने कई नाटकों में अपने अभिनय का जलवा दिखाया है।

नाबालिगों के गाड़ी चलाने पर दण्डित होंगे अभिभावक 

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प्रद्योत कुमार,बेगूसराय। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय,भारत सरकार नई दिल्ली के पत्रांक RT 25035/53/2016-RS,दिनांक 14 जुलाई 2016 के आलोक में प्रत्येक ज़िला के ज़िला परिवहन पदाधिकारी को ये निर्देश दिया गया है कि नाबालिग के गाड़ी चलाने पर अविलम्ब रोक लगाई जाय।उक्त पत्र के आलोक में ये साफ़ कहा गया है कि मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 4(1) एवं (2) के आलोक में 16 वर्ष से कम आयु के युवक युवतियों को सार्वजनिक स्थान पर गाड़ी चलाना एकदम वर्जित है एवं दण्डनीय अपराध है।अक्सर बच्चों को अभिभावक स्कूल जाने के लिए गाड़ी की अनुमति दे देते हैं जो गलत है।ये 1988 मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन है,धारा 180 के अंतर्गत नाबालिग को मोटर वाहन चलाने की अनुमति देने पर गाड़ी के स्वामी को 1000रु का जुर्माना या 3 महीने का कारावस या दोनों सज़ा का प्रावधान है जो हो सकता है साथ ही उक्त अधिनियम की धारा 4,5,180,181 के अंतर्गत अभिभावक को या गाड़ी के स्वामी को भी दण्डित किया जाएगा।इस कठोर आदेश या इस कठोर नियम को लागू करने के बाद अगर कोई भी व्यक्ति इस पर अमल ना करते हुए इसका उल्लंघन करता है तो वो दण्ड का भागीदार होगा तो हो जाइये सतर्क अपने बच्चों को सुरक्षित रखने के लिये अधिनयम का अक्षरशः पालन करना आपका धर्म है।

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