बेगूसराय (बिहार) की खबर (05 अगस्त) - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

शनिवार, 6 अगस्त 2016

बेगूसराय (बिहार) की खबर (05 अगस्त)

चट्टानी हैसला के साथ मज़दूरों का भूख हड़ताल

begusarai-news
अरुण कुमार,मटिहानी,बेगुसराय। आज दिनांक 5 अगस्त 2016 को न्यू  एक्सटेंसन प्रोजेक्ट (B.T.P.S. बरौनी) पर पूर्व से नियोजित अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल पर बी.टी.पी.एस.के मुख्य द्वार पर बैठे हैं। कारण :-पूर्व में ही भेल कम्पनी के साथ हुए विभिन्न समझौतों के आलोक मे एवं आर्थिक तंगी से जूझते ठेका श्रमिकों के उत्थान हेतु सम्बन्धो को अवमानना के लिए किया गया भूख हड़ताल है।बिहार प्रदेश ठेका मजदूर संघ (बी.टी.पी.एस.इकाई)सम्बंध भारतीय मजदुर संघ के बैनर तले आयोजित हड़ताल में कुल 85 मजदूर शामिल हैं।मजदुर को सम्बोधित करते हुए जिला मन्त्री,सुनील कुमार ने कहा कि लागातार मजदूर विगत तीन वर्षों से समझौता करते-करते थक गए हैं इसलिए अगस्त महीने के ऐतिहासिक दिन में इसकी शुरुआत की गई है।करो या मरो के नारा के साथ इस बार तब तक समझौता नहीं होगा यह भूख हड़ताल अनवरत जारी रहेगी।भूख हड़ताल के जिला सह संगठन मन्त्री बी.एम.एस.संजय कुमार मजदूरों के मांगों के समर्थन में निर्जल उपवास करने का फैसला लिया है।इसके अलावे,राम जी प्रसाद, जिला अध्यक्ष बी.एम.एस.बिहार प्रदेश ठेका मजदूर संघ,बी.टी.पी.एस. इकाई के महामंत्री,शंकर शर्मा,अध्यक्ष राजकिशोर सिंह एवं संघ के जिला कार्यकर्ता राजू जी,विनोद सिंह और रामकुमार सिंह ने भी इस आंदोलन में माँग प्राप्ति होने तक मजदूरों के चट्टानी एकता बनाए रखने का आह्वान किया है।संघ के कोषाध्यक्ष अमित राय के अलावे दर्जनों मजदूरों ने भी संबोधित किया।विदित हो कि 04 अगस्त की संध्या में बी टी पी एस. प्रबन्धन एवं श्रम अधीक्षक,मनीष कुमार के द्वारा संघ के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता कर सामाधान करने का प्रयास किया गया परन्तु वार्ता में प्रबन्धन के बीच हुई समझौता लागू करने की माँग की इसके अलावे कुछ स्वीकार नहीं है।ऐसा प्रबंधन की तरफ से जवाब प्राप्त हुआ।इस तरह मजदूरों का शोषण कब तक चलता रहेगा?प्रबन्धन को श्रमिकों के बारे में सोचना ही होगा।अपनी मांगों को लेकर मज़दूरों का इरादा पक्का है।

कोई टिप्पणी नहीं: