मुंबई 09 अगस्त, रिजर्व बैंक (आरबीआई) गवर्नर रघुराम राजन ने आज कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से महँगाई बढ़े ऐसा जरूरी नहीं है। श्री राजन ने यहाँ चालू वित्त वर्ष के लिए जारी तीसरी द्विमासिक एवं अपने कार्यकाल की अंतिम ऋण एवं मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद पत्रकारों के सवाल के जवाब में कहा कि जरूरी नहीं कि जीएसटी से महँगाई बढ़े। अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। हमें यह देखना होगा कि जीएसटी की क्या दर तय होती है। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद कुछ वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं और कुछ की कम हो सकती हैं। मलेशिया का उदाहरण देते हुये उन्होंने कहा कि वहाँ इस तरह का कर लागू होने से महँगाई बढ़ी थी, लेकिन वह लंबे समय के लिए नहीं थी। जीएसटी को 01 अप्रैल 2017 लागू करने की चुनौतियों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि देश में आर्थिक सुधार के लिए बढ़ रही राजनीतिक सहमति के संदर्भ में जीएसटी विधेयक का संसद में पारित होना शुभ है। अभी इसे राज्य विधानमंडलों से पारित कराया जाना शेष है। हालाँकि, सरकार इसके लिए काफी गंभीरता से प्रयासरत है। लेकिन, सरकार द्वारा निर्धारित तिथि 01 अप्रैल 2017 तक इसे लागू कर पाना चुनौतीपूर्ण होगा। रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर एस.एस. मुंद्रा ने कहा कि जीएसटी में शामिल 55 प्रतिशत उत्पाद खुदरा महँगाई के आँकलन के लिए लिये जाने वाले बास्केट में शामिल नहीं है। ऐसे में इसके लागू होने से महँगाई पर लंबे समय के लिए कोई असर पड़ने की उम्मीद नहीं है।
मंगलवार, 9 अगस्त 2016
जीएसटी से महँगाई बढ़ना जरूरी नहीं : राजन
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