नयी दिल्ली 05 अगस्त, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की एक ऐसी प्रणाली का परीक्षण रहा है जिससे भूकंप की पूर्व चेतावनी जारी करना संभव होगा और जानमाल के नुकसान को कम किया जा सकेगा। पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री वाई.एस. चौधरी ने कल राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि भूकंप पूर्व चेतावनी (ईईडब्ल्यू) नामक इस प्रणाली का उत्तराखंड में पायलट परियोजना के रूप में परीक्षण चल रहा है। यह परीक्षण आईआईटी रुड़की द्वारा किया जा रहा है। यह प्रणाली भूकंप आने से तुरंत पहले इसकी सूचना दे देती है। इससे चेतावनी जारी करने तथा एहतियाह के तौर पर इमारतें खाली करवाने और महत्वपूर्ण परिचालनों को रोकने के लिए समय मिल जायेगा। श्री चौधरी ने कहा कि उत्तराखंड में यह प्रणाली पूरे उत्तर भारत के लिए स्थापित की गई है। इसके अलावा देहरादून स्थित वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी ने भी भूकंप के लिए एक मॉनिटरिंग नेटवर्क विकसित किया है। साथ ही उसने क्षेत्र में विभिन्न पैरामीटरों पर आधारित भूभौतिक ऑब्जर्वेटरी स्थापित किया है। मंत्री ने बताया कि अर्थ ऑब्जर्वेटरी सिंगापुर के अनुसंधान पत्र समेत उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्र पर कई अनुसंधान पत्र हैं। इनके अनुसार, यह क्षेत्र सेंट्रल सिस्मिक गैप में पड़ता है। यहाँ पिछले 500 साल में कोई बड़ा भूकंप नहीं आया है। इसलिए यहां कभी भी उच्च तीव्रता का भूकंप आने की आशंका है। हालांकि, इन पत्रों से यह पता नहीं चलता है कि यह भूकंप कब आ सकता है।
शनिवार, 6 अगस्त 2016
भूकंप चेतावनी प्रणाली का परीक्षण कर रहा है आईआईटी रुड़की
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