रियो डी जेनेरो,02 अगस्त, भारतीय हॉकी टीम के प्रमुख कोच रोलैंट ओल्टमैंस खेल गांव में सुविधाओं की कमी और भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के अधिकारियों की बेरुखी से खासे भड़के हुये हैं और उन्होंने हॉकी इंडिया के अध्यक्ष नरेन्द्र ध्रुव बत्रा को एक वीडियो के जरिये अपनी पीड़ा से अवगत कराया है। ओल्टमैंस ने खेल गांव में हॉकी खिलाड़ियों के कमरे में फर्नीचर की कमी से अवगत करान के 24 घंटे बाद कमरों में खिलाड़ियों के फर्श पर बैठने के लिये मजबूर होने का एक वीडियो भेजा है। रोलैंट ने वीडियो के जरिये कहा है कि कमरे में फर्नीचर के नाम पर कुछ भी नहीं है जिससे खिलाड़ियों को फर्श पर बैठने के लिये मजबूर होना पड़ रहा है जिससे उनके लिये पीठ की चोट का खतरा हो सकता है। हॉकी कोच ने कहा,“ सोने के कमरे में दो कुर्सियों और बीन सीटर्स के अलावा कुछ भी नहीं है। कपड़े टांगने की जगह नहीं है जिससे खिलाड़ियों को परेशानी हो रही है।” ओल्टमैंस के इस वीडियो के बाद हॉकी इंडिया के अध्यक्ष नरेन्द्र ध्रुव बत्रा ने आईओए के अध्यक्ष एन रामचंद्रन और रियो में भारतीय दल प्रमुख राकेश गुप्ता पर सवाल उठाते हुये कहा ,“ आप दोनों और रियो में गया आईओए स्टाफ आखिर कहां है। क्या आप छुट्टियां मना रहे हैं। भारतीय पुरुष तथा महिला हॉकी टीमों की इस समस्या को जल्द सुलझाइये। मैं उम्मीद करता हूं कि आप दोनों भी भारतीय टीमों से अच्छा प्रदर्शन चाहते होंगे। ”
बत्रा ने कहा,“ मैं यह वीडियो सोशल मीडिया पर डाल रहा हूं क्योंकि आप दोनों हॉकी इंडिया के मेल का जवाब देने में यकीन नहीं रखते हैं।” ओल्टमैंस ने इससे पहले भारतीय दल प्रमुख राकेश गुप्ता को एक ईमेल भेज कर इस समस्या से अवगत कराया था। ओल्टमैंस ने कहा था ,“ हमने इस बात पर बातचीत की थी कि खेल गांव के अपार्टमेंट में पूरी तरह फर्नीचर नहीं हैं। ओलंपिक की लंबी अवधि में खिलाड़ियों को अच्छा प्रदर्शन करने के लिये छह व्यक्तियों के अपार्टमेंट में उचित संख्या में कुर्सियों और टेबल की जरूरत है। अभी जो स्थिति है उसमें प्रत्येक अपार्टमेंट में दो ही कुर्सियां हैं। ” कोच का कहना था ,“ पुरुष और महिला हॉकी टीमों के लिये हम नौ अपार्टमेंट इस्तेमाल कर रहे है और इनमें हमें 28 कुर्सियों की कमी है। इसके अलावा सात अपार्टमेंट में हमें कम से कम एक टेबल की जरूरत है। स्टाफ अपार्टमेंट में हम कुछ टेबल लाने में सफल रहे हैं। आपने पहले बताया था कि भारतीय ओलंपिक संघ और आयोजकों की तरफ से किसी व्यवस्था की कोई संभावना नहीं है। हमें बाहर बाजार से कुर्सियां खरीदने के लिये अनुमति की जरूरत है ताकि खिलाड़ियों को ओलंपिक के दौरान पीठ की चोट से बचाया जा सके। ” उन्होंने कहा,“ ओलंपिक के दौरान हम चाहते हैं कि हमारे खिलाड़ियों के लिये विपक्षी टीमों के मैचों को टीवी पर देखने की संभावना हो ताकि खिलाड़ी इन विपक्षी टीमों के खिलाफ आगामी मैचों के लिये खुद को तैयार कर सकें।”
बत्रा ने कहा,“ मैं यह वीडियो सोशल मीडिया पर डाल रहा हूं क्योंकि आप दोनों हॉकी इंडिया के मेल का जवाब देने में यकीन नहीं रखते हैं।” ओल्टमैंस ने इससे पहले भारतीय दल प्रमुख राकेश गुप्ता को एक ईमेल भेज कर इस समस्या से अवगत कराया था। ओल्टमैंस ने कहा था ,“ हमने इस बात पर बातचीत की थी कि खेल गांव के अपार्टमेंट में पूरी तरह फर्नीचर नहीं हैं। ओलंपिक की लंबी अवधि में खिलाड़ियों को अच्छा प्रदर्शन करने के लिये छह व्यक्तियों के अपार्टमेंट में उचित संख्या में कुर्सियों और टेबल की जरूरत है। अभी जो स्थिति है उसमें प्रत्येक अपार्टमेंट में दो ही कुर्सियां हैं। ” कोच का कहना था ,“ पुरुष और महिला हॉकी टीमों के लिये हम नौ अपार्टमेंट इस्तेमाल कर रहे है और इनमें हमें 28 कुर्सियों की कमी है। इसके अलावा सात अपार्टमेंट में हमें कम से कम एक टेबल की जरूरत है। स्टाफ अपार्टमेंट में हम कुछ टेबल लाने में सफल रहे हैं। आपने पहले बताया था कि भारतीय ओलंपिक संघ और आयोजकों की तरफ से किसी व्यवस्था की कोई संभावना नहीं है। हमें बाहर बाजार से कुर्सियां खरीदने के लिये अनुमति की जरूरत है ताकि खिलाड़ियों को ओलंपिक के दौरान पीठ की चोट से बचाया जा सके। ” उन्होंने कहा,“ ओलंपिक के दौरान हम चाहते हैं कि हमारे खिलाड़ियों के लिये विपक्षी टीमों के मैचों को टीवी पर देखने की संभावना हो ताकि खिलाड़ी इन विपक्षी टीमों के खिलाफ आगामी मैचों के लिये खुद को तैयार कर सकें।”

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