इम्फाल,09 अगस्त, मणिपुर से सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (अफ्स्पा) हटाये जाने की मांग को लेकर पिछले 16 वर्ष से अनशन कर रही मानवाधिकार कार्यकर्ता इरोम चानू शर्मिला ने राजनीति के मैदान में अपना हाथ आजमाने के लिए आज अपना अनशन तोड़ दिया । सुश्री शर्मिला ने यहां शहद की एक बूंद लेकर अपना अनशन ताेड़ा और इस ऐतिहासिक क्षण पर उनकी आंखों से आंसू छलक रहे थे । शर्मिला के पास से सभी तरह के जीवन रक्षक उपकरणाें को हटा लिया गया है। उन्होंने अनशन तोड़ने के बाद संवाददाताओं से कहा,“मैं मणिपुर की मुख्यमंत्री बनना चाहती हूं। मैं अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरुंगी।” चार नवंबर 2000 से अनशन पर बैठी सुश्री शर्मिला ने गत 26 जुलाई को अपना अनशन तोड़ने और राजनीति में कदम रखने की घोषणा की थी । उन्होंने दलील दी कि उन्हें गलत तरीके से हिरासत में रखा गया है और उन्हें तुरन्त रिहा किया जाना चाहिए । इससे पूर्व सुश्री शर्मिला को आज सुबह एक अदालत ने 10 हजार रुपये के मुचलके पर रिहा किया और मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 अगस्त की तारीख तय की। अदालत ने सुश्री शर्मिला को उनके राजनीतिक जीवन के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
बुधवार, 10 अगस्त 2016
इरोम शर्मिला ने 16 वर्ष बाद तोड़ा अनशन
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