श्रीनगर, 01 अगस्त, जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय ने सुरक्षाबलों के द्वारा इस्तेमाल होने वाली पैलेट गन से लोगों को घुटनों से ऊपर विशेषकर आँखों पर आई गंभीर चोटों पर स्पष्टीकरण मांगते हुए आज कहा कि केन्द्र प्रदर्शनकारियों के साथ अपने लोगों की तरह बर्ताव नहीं कर रहा है। मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति एन पॉल वसंतकुमार और न्यायमूर्ति मुजफ्फर हुसैन अट्टार की खंडपीठ ने अर्द्धसैनिक बलों द्वारा पैलेट गन के इस्तेमाल पर केन्द्र सरकार से स्पष्टीकरण मांगा। कश्मीर बार एसोसिएशन की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने इस पर स्पष्टीकरण मांगा कि सुरक्षाबलों के पैलेट गन के इस्तेमाल में प्रशिक्षित होने के दावे के बावजूद लोगों को घुटने के ऊपर विशेषकर आँखों पर चोटें क्यों आई। अदालत ने कहा, “आप भीड़ को नियंत्रित करने की ड्यूटी निभा रहे हैं लेकिन एक सभ्य समाज में आप कैसे भीड़ को नियंत्रित करते है क्योंकि ये आपके अपने लोग हैं, वे एलियन नहीं है, वे किसी और ग्रह से नहीं आए हैं। उनके साथ अपने लोगों की तरह बर्ताव कीजिए। आप उनके साथ अपने लोगों की तरह बर्ताव नहीं कर रहे हैं।”
मंगलवार, 2 अगस्त 2016
पैलेट गन के इस्तेमाल पर केन्द्र सरकार से मांगा स्पष्टीकरण
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