नयी दिल्ली,01 अगस्त, डोपिंग के आरोपों से लड़ रहे पहलवान नरसिंह यादव जीवन की सबसे बड़ी अग्नि परीक्षा में आज पास हो गये। नरसिंह को राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने डोपिंग आरोपों से सोमवार को क्लीन चिट दे दी जिसके बाद उनके रियो ओलंपिक में उतरने का रास्ता साफ हो गया। नरसिंह को पिछले पांच दिनों में चार दिन नाडा जांच पैनल के समक्ष सुनवाई के कठिन दौर से गुजरना पड़ा लेकिन जीवट के धनी महाराष्ट्र के पहलवान ने अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा दांव जीतते हुये खुद को डोपिंग आरोपों से मुक्त करा लिया। भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने इसके बाद दावा किया कि नरसिंह रियो ओलंपिक के अपने 74 किग्रा वर्ग में चुनौती पेश करेंगे। इसी के साथ नरसिंह के हाई प्रोफाइनल डोपिंग प्रकरण का पटाक्षेप हो गया। नाडा के नरसिंह को क्लीन चिट देते हुये नाडा कार्यालय के बाहर जश्न मनना शुरू हो गया और मिठाईयां बंटने लगीं ।
नाडा के महानिदेशक नवीन अग्रवाल ने जांच पैनल का फैसला सुनाते हुये संवाददाताओं से कहा,“ पैनल का मानना है कि नरसिंह का प्रतिबंधित दवा लेना उनकी जानकारी में नहीं था जिससे उनके इस दावे को मजबूती मिलती है कि उनके खिलाफ साजिश की गयी थी। पैनल का यह भी मानना है कि अभ्यास करते समय पीने की चीजों पर नजर रखना असंभव है इसलिये इसे खिलाड़ी की नाकामी नहीं माना जा सकता।” अग्रवाल ने कहा,“ पैनल का मानना है कि इस मामले में न तो नरसिंह की कोई गलती है और न ही उन्होंने कोई लापरवाही की है। वह किसी प्रतिस्पर्धी की साजिश का शिकार हुये है इसलिये जांच पैनल नरसिंह को नाडा के डोपिंग रोधी नियमों के उल्लंघन करने के आरोपों से बरी करता है।” नाडा ने जैसे ही नरसिंह को आरोपों से बरी करने की घोषणा की ,नाडा कार्यालय परिसर में जमा नरसिंह के समर्थकों ने नाच गाने के साथ जश्न मनाना शुरू कर दिया। समर्थकों के हाथों में मिठाईयों के डिब्बे थे और वे एक दूसरे को मिठाईयां खिलाने लगे। पहलवान नरसिंह के लिये उनके जीवन के ये सबसे बड़े क्षण थे क्योंकि अब उनके रियो ओलंपिक में उतरने का रास्ता साफ हो गया है।
नरसिंह ने गत वर्ष लॉस वेगास में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर सबसे पहले ओलंपिक कोटा हासिल किया था। उन्होंने हाल में पहलवान सुशील कुमार से ओलंपिक में उतरने को लेकर अदालती लड़ाई भी जीती थी लेकिन साेनीपत के साई सेंटर में अभ्यास करने वाले इस पहलवान के गत पांच जुलाई को लिये गये ए और बी नमूने पाजिटिव आये थे जिसके बाद उन्हें अस्थाई तौर पर निलंबित किया गया था। इस पहलवान को गत गुरुवार से नाडा के समक्ष सुनवाई से गुजरना पड़ा। उनके साथ वकीलों की एक पूरी टीम भी थी। नरसिंह पर प्रतिबंधित एनाबोलिक स्टेरायड मैथनडिएनोन के सेवन का आरोप था जिसे खारिज करते हुये नरसिंह ने दावा किया था कि उनके खिलाफ साजिश की गयी है। नरसिंह के वकीलों ने भी सुनवाई के दौरान नाडा पैनल को बताया था कि नरसिंह साजिश के शिकार हुये हैं। भारतीय कुश्ती महासंघ ने इस दौरान लगातार नरसिंह का समर्थन किया और महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण ने भी कहा कि नरसिंह के खिलाफ साजिश की गयी है। शनिवार को लंबी सुनवाई के बाद जब कोई फैसला नहीं आया तो ऐसा लगने लगा कि कहीं नरसिंह का सपना टूट न जाये। इस बीच कुश्ती महासंघ ने प्रवीण राणा को 74 किग्रा वर्ग में नरसिंह के विकल्प के रूप में चुनकर बाकी पहलवानों के साथ जार्जिया भेज दिया था। अब नरसिंह पर नाडा पैनल का फैसला आ चुका है जिससे यह पहलवान अब रियो ओलंपिक में कुश्ती में भारतीय दावे को मजबूती दे सकेगा।
नाडा के महानिदेशक नवीन अग्रवाल ने जांच पैनल का फैसला सुनाते हुये संवाददाताओं से कहा,“ पैनल का मानना है कि नरसिंह का प्रतिबंधित दवा लेना उनकी जानकारी में नहीं था जिससे उनके इस दावे को मजबूती मिलती है कि उनके खिलाफ साजिश की गयी थी। पैनल का यह भी मानना है कि अभ्यास करते समय पीने की चीजों पर नजर रखना असंभव है इसलिये इसे खिलाड़ी की नाकामी नहीं माना जा सकता।” अग्रवाल ने कहा,“ पैनल का मानना है कि इस मामले में न तो नरसिंह की कोई गलती है और न ही उन्होंने कोई लापरवाही की है। वह किसी प्रतिस्पर्धी की साजिश का शिकार हुये है इसलिये जांच पैनल नरसिंह को नाडा के डोपिंग रोधी नियमों के उल्लंघन करने के आरोपों से बरी करता है।” नाडा ने जैसे ही नरसिंह को आरोपों से बरी करने की घोषणा की ,नाडा कार्यालय परिसर में जमा नरसिंह के समर्थकों ने नाच गाने के साथ जश्न मनाना शुरू कर दिया। समर्थकों के हाथों में मिठाईयों के डिब्बे थे और वे एक दूसरे को मिठाईयां खिलाने लगे। पहलवान नरसिंह के लिये उनके जीवन के ये सबसे बड़े क्षण थे क्योंकि अब उनके रियो ओलंपिक में उतरने का रास्ता साफ हो गया है।
नरसिंह ने गत वर्ष लॉस वेगास में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर सबसे पहले ओलंपिक कोटा हासिल किया था। उन्होंने हाल में पहलवान सुशील कुमार से ओलंपिक में उतरने को लेकर अदालती लड़ाई भी जीती थी लेकिन साेनीपत के साई सेंटर में अभ्यास करने वाले इस पहलवान के गत पांच जुलाई को लिये गये ए और बी नमूने पाजिटिव आये थे जिसके बाद उन्हें अस्थाई तौर पर निलंबित किया गया था। इस पहलवान को गत गुरुवार से नाडा के समक्ष सुनवाई से गुजरना पड़ा। उनके साथ वकीलों की एक पूरी टीम भी थी। नरसिंह पर प्रतिबंधित एनाबोलिक स्टेरायड मैथनडिएनोन के सेवन का आरोप था जिसे खारिज करते हुये नरसिंह ने दावा किया था कि उनके खिलाफ साजिश की गयी है। नरसिंह के वकीलों ने भी सुनवाई के दौरान नाडा पैनल को बताया था कि नरसिंह साजिश के शिकार हुये हैं। भारतीय कुश्ती महासंघ ने इस दौरान लगातार नरसिंह का समर्थन किया और महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण ने भी कहा कि नरसिंह के खिलाफ साजिश की गयी है। शनिवार को लंबी सुनवाई के बाद जब कोई फैसला नहीं आया तो ऐसा लगने लगा कि कहीं नरसिंह का सपना टूट न जाये। इस बीच कुश्ती महासंघ ने प्रवीण राणा को 74 किग्रा वर्ग में नरसिंह के विकल्प के रूप में चुनकर बाकी पहलवानों के साथ जार्जिया भेज दिया था। अब नरसिंह पर नाडा पैनल का फैसला आ चुका है जिससे यह पहलवान अब रियो ओलंपिक में कुश्ती में भारतीय दावे को मजबूती दे सकेगा।

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