पटना 09 अगस्त, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने आज कहा कि फसल बीमा योजना में ‘प्रधानमंत्री’ का नाम जुड़े होने के कारण ही मुख्यमंत्री इसे बिहार में लागू नहीं कर रहे हैं। श्री मोदी ने यहां कहा कि फसल बीमा योजना में प्रधानमंत्री का पदनाम जुड़ा है इसलिए बिहार में लागू करने से इनकार कर मुख्यमंत्री श्री कुमार ने साफ कर दिया है कि उन्हें किसानों की चिन्ता नहीं है। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि यदि मुख्यमंत्री को ‘प्रधानमंत्री’ के नाम से चिढ़ है तो क्या वे प्रधानमंत्री के नाम से चलने वाली प्रधानमंत्री ग्राम्य सड़क योजना, सिंचाई योजना समेत अन्य योजनाओं को बिहार में बंद कर देंगे। भाजपा नेता ने कहा कि पूरे देश में एक प्रीमियम दर की बात करने वाले नीतीश जी को क्या यह मालूम नहीं है कि जिस तरह से बूढ़े और जवान , बीमार और स्वस्थ व्यक्ति के बीमा की प्रीमियम दर एक नहीं हो सकती है, उसी प्रकार बाढ़ एवं सूखा तथा सामान्य परिस्थितियों वाले राज्यों की प्रीमियम दरें भी एक नहीं हो सकती है। क्या जब से कृषि बीमा योजना शुरू हुई है तब से ही राज्य एवं केन्द्र की हिस्सेदारी 50-50 प्रतिशत नहीं रही है। जब राज्य सरकार ने बीमा योजना लागू करने के लिए मंत्रिमंडल का संकल्प निकाल दिया तब अचानक 90: 10 केन्द्र और राज्य की हिस्सेदारी की बात करने का क्या औचित्य है। श्री मोदी ने कहा कि पिछले तीन वर्षों की रबी और वर्ष 2015 की खरीफ फसल की क्षतिपूर्ति की 554 करोड़ की अपनी हिस्सेदारी नहीं देकर राज्य सरकार ने बिहार के किसानों को मिलने वाली 1331 करोड़ की हकमारी कर दी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को बताना चाहिए कि फसल बीमा योजना लागू नहीं करने की स्थिति में वह बाढ़ और सुखाड़ से प्रभावित लाखों किसानों की क्षति की भरपाई कैसे करेगी।
बुधवार, 10 अगस्त 2016
फसल बीमा में ‘प्रधानमंत्री’ नाम से चिढ़ रहे नीतीश : सुशील
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