नई दिल्ली- रियो ओलंपिक के लिए इंडिया का ऑफिशियल सॉन्ग “बोर्न ए चैंपियन” माननीय खेल मंत्री श्री विजय गोयल ने ओलंपिक कार्निवल में आज देश को समर्पित किया। फकीरा (अहरान चैधरी) ने इस गाने को लिखा है। उन्होंने इस गाने को अपनी आवाज भी दी है। यह ट्रैक एक एथलीट की कहानी पर आधारित है। इस गाने में एक स्पोटर्स मैन की कभी हार न मानने वाले जज्बे की झलक मिलती है। इस गाने में एक एथलीट के जीवन भर के संघर्ष या जंग का सारतत्व मिलता है। गाने में यह बताया गया है कि एक एथलीट अपनी प्रतिभा को दूसरों के सामने साबित करने के लिए जीवन भर संघर्ष करता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह अपनी टेलेंट खुद के सामने भी साबित करने की जद्दोजहद में जुटा रहता है। तेज धुन में यह आरएपी ट्रैक भारतीय एथलीटों को ओलंपिक में अपना बेहतर से बेहतर प्रदर्शन करने के लिए उत्साहित करने के लिए बनाया गया है। इस गाने में रियो ओलंपिक में खेल रहे खिलाड़ियों के प्रति हिंदुस्तानी अवाम का समर्थन भी झलकता है। इस मौके पर फकीरा ने कहा कि अपने देश के हीरोज के लिए अपने विचारों और भावनाओं क गाने में पिरोने का मौका मिलने पर मैं बहुत फख्र महसूस कर रहा हूं। हमारे खिलाड़ियों ने देश को कई बार गर्व महसूस कराया है। हम उन्हें बताना चाहते हैं कि हम उनके समर्थन में खड़े हैं। उनके साथ है और रियो ओलंपिक में भारत की सफलता और देश का परचम ऊंचा लहराने के लिए उन्हें ढेरों शुभकामनाएं दे रहे हैं।
फकीरा (अहरान चैधरी) अपने जीवन में पहले काफी उपलब्धियां अर्जित कर चुके हैं। उन्होंने “सिंह इज ब्लिंग” नामक फिल्म में अक्षय कुमार के अपोजिट एक नेगेटिव रोल से अपना करियर शुरू किया था। बोहेमिया के लोकप्रिय गीत जगुआर में उन्होंने मेन किरदार भी निभाया था। फकीरा कुछ समय से अपनी भावनाओं को गीतों के रूप में पिरो रहे हैं। उन्होंने रियो ओलंपिक के लिए आरएएपी ट्रैक गाकर संगीत की दुनिया में गायक के रूप में अपना कैरियर शुरू किया है। यह रियो ओलंपिक में जा रहे भारतीय खिलाड़ियों को बॉलीवुड की ओर से एक श्रद्धांजलि है। इस गाने का म्यूजिक आदित्य देव ने कंपोज किया है, जो बाजीराव मस्तानी फिल्म के भी संगीतकार थे। इस गाने की सिनेमाटोग्राफी विशाल सेठ ने की है, जो कि जाने-माने फैशन फोटोग्राफर और सिनेमाटोग्राफर है। रियो ओलंपिक के लिए यह गाना और विडियो बनाने में अक्षय कुमार ने भी सहयोग किया है। यह गैर वाणिज्यिक रूप से एक पहल है। गाने का क्लाइमेक्स भारत के नागरिकों की “वी वॉन्ट गोल्ड” की गूंज से होता है। सभी भारतीय नागरिक रियो ओलंपिक में गए खिलाड़ियों से केवल स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीद कर रहे हैं। करोड़ों भारतीयों का एक ही सपना है कि भारतीय खिलाड़ी ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतकर अपने देश का नाम रोशन करें।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें