सफेद मक्खी कीट का प्रबन्धन
विगत कुछ वर्षाें से सफेद मक्खी कीट कृषि फसलों का एक प्रमुख हानिकारक कीट के रूप में स्थापित हुआ है। इस कीट का प्रकोप मुख्यरूप से सोयाबीन, मूॅग, उडद, टमाटर, मिर्च, भिण्डी, कद्दूवर्गीय सब्जियों व पपीता फसल में होता है। वयस्क कीट 1-2 मिमी. आकार के हल्के पीले रंग के होते हैं तथा इनके पंखों में सफेद मोम की परत होती है। इस कीट का जीवन चक्र तीन अवस्थाओं (अण्डा अवस्था, षिषु अवस्था, वयस्क अवस्था) में पूर्ण होता हैं। अण्डे प्रारम्भिक अवस्था में सफेद रंग के होते हैं तथा फूटने के पूर्व ये भूरे रंग के हो जाते हैं।यह कीट मुख्यतः पत्तियों की निचली सतह पर रहते हैं। इस कीट के षिषु गोल अण्डाकार एवं हरे सफेद रंग के होते हैं। यह कीट तीन प्रकार से फसल को क्षति पहुॅचाता है। इस कीट के षिषु व वयस्क दोनों ही पत्तियों की निचली सतह में बैठकर रस चूसते हैं, जिस कारण पौधे की वृद्धि रूक जाती है और पत्तियाॅ पीली पडकर गिर जाती है एवं फल, फूल भी गिरने लगते हैं। रस चूसने के साथ - साथ यह कीट एवं विषेष प्रकार का चिपचिपा पदार्थ का स्राव करते हंै, जो पौधें की पत्तियों पर जमा होने लगता है। साथ ही इस मधु स्राव में फफूॅद भी विकसित होने लगती है, जिस कारण से एक तरफ यह पौधें की प्रकाष संष्लेषण क्रिया को अवरूद्ध करता है वहीं दूसरी ओर फफूॅद जनित रोगों के प्रकोप की वृद्धि में भी सहायक होता है। यह कीट विषाणु रोग के विषाणु को एक पौधे से दूसरे पौधों में फैलाने का कार्य भी करता है।
कीट से बचाव के उपाय
इस कीट के प्रबन्धन हेतु 20 पीले रंग के चिपचिपे प्रपंच प्रति एकड की दर से स्थापित करें व फसल की निरन्तर निगरानी करते रहें। कीट का प्रकोप दिखने पर इमिडाक्लोरोप्रिड 17.8 एस. एल. की 50 - 60 मिली. मात्रा या थायोमिथाॅक्जाॅम 25 डब्ल्यू जी की 50 ग्राम मात्रा का प्रति एकड की दर से छिडकाव करें। अधिक जानकारी हेतु डाॅ. उपेष कुमार, वैज्ञानिक, फसल सुरक्षा, कृषि विज्ञान केन्द्र, सेवनियाॅ, जिला - सीहोर दूरभाष क्रमाॅंक - 9425661514 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
विभागीय वेबसाइट को निर्वाचन की वेबसाइट से लिंक करवाने के निर्देश
शासकीय विभागों को अपने अधिकारी-कर्मचारियों के वोटर आई.डी. को त्रुटि-रहित करवाने के लिये विभागीय वेबसाइट को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की वेबसाइट से लिंक करवाने को कहा गया है। विभागाध्यक्षों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने अधिकारी-कर्मचारी के वोटर आई.डी. को त्रुटि-रहित करवाने के लिये प्रेरित करें, ताकि मतदाता-सूची को शुद्ध किया जा सके। इसके लिये निवास के निकट के मतदान-केन्द्र के बीएलओ को फार्म-8 भरकर देना होगा। बीएलओ के नाम की जानकारी नहीं होने पर उसे सीईओ की वेबसाइट पर क्लिक कर प्राप्त किया जा सकेगा। ढूूू-बमवउंकीलंचतंकमेी-दपब-पद/म्ऋतवसस-ंेचÛझ पर दिये गये विण्डो से ऑनलाइन संशोधन तथा नाम जोडने की कार्यवाही की जा सकेगी। इसके अलावा कॉल-सेंटर टोल-फ्री नम्बर-1950 पर अपना नाम, वोटर आई.डी. नम्बर, विधानसभा क्षेत्र का नाम एवं मोबाइल नम्बर नोट करवाना होगा अथवा फार्म-8 के साथ वोटर आई.डी. एवं मोबाइल नम्बर की जानकारी जिला कलेक्टर कार्यालय या विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र स्थित मतदाता-केन्द्र (एसडीएम ऑफिस) में देकर वोटर आई.डी. को त्रुटि-रहित करवाया जा सकेगा।
प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षित अभियान आज से प्रारंभ, प्रत्येक गर्भवती महिला की द्वित्तीय एवं तृतीय तिमाही जांच प्रत्येक माह की 9 तारीख को होगी
प्रदेश मंे प्रसव पूर्व देखभाल की गुणवत्ता एवं कवरेज को बढ़ावा देने तथा आरएमएनसीएच सेवाओं की रणनीति के तहत महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच, निदान एवं परामर्श सेवाओं के कवरेज में सुधार की दृष्टि से प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षित अभियान का प्रारंभ 9 अगस्त 2016 को किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत प्रत्येक गर्भवती महिला की द्वित्तीय एवं तृतीय तिमाही में स्त्री रोग विशेाज्ञ/एमबीबीएस चिकित्सा अधिकारी द्वारा न्यूनतम एक जांच प्रसव पूर्व विजिट के दौरान गुणवत्तापूर्ण सेवाओं को सुदृढ़ करना। अभियान के दौरान गुणवत्तापूर्ण एएनसी रेफरल,उपचार एवं उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को सम्मिलित किया जाना है। अभियान का में आवश्यकतानुसार महत्पूर्ण जांचे,हाईरिस्क स्क्रीनिंग सुविधाएं,उचित काउंसलिंग,एनीमिया,पीआईएच, डायबिटिज आदि जांच की जाएगी। अभियान की सफलता के लिए आज जिले के समस्त बीएमओ,सेक्टर मेडिकल आॅफिसर, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारियांे का एक दिवसीय प्रशिक्षण जिला प्रशिक्षण केन्द्र सीहोर आज को जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.दीलीप कटेलिहा, स्त्रीरोग विशेाज्ञ डाॅ.नमीता श्रीवास्तव द्वारा दिया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.आर.के.गुप्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षित अभियान एक महत्वपूर्ण जनहितैशी अभियान है। अभियान के अंतर्गत निःशुल्क सोनोग्राफी व रेडियोलाॅजिस्ट व सोनोलाॅजिस्ट व प्रयोगशाला जांचे प्रत्येक माह की 9 तारीख को सामुदायिक व जिला चिकित्सालयों में उपलब्ध कराई जाएगी। गर्भवती महिलाओं की द्वित्तीय तथा तृतीय तिमाही में यूरिन एल्बुमिन एवं ब्लड शुगर, मलेरिया, एचआइ्रव्ही ब्लड गु्रपिंग जांचे निःशुल्क कराई जाएगी। जिला स्तर पर अभियान के नोडल अधिकारी जिला स्वास्थ्य अधिकारी को बनाया गया है। डाॅ.गुप्ता ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच करने पर हाई रिस्क के रूप में चिन्हांकित महिलाओं को रेफरल स्लिप के साथ ए.एन.सी.क्लीनिक दिवस पर उच्च संस्था में रेफर किया जाएगा। जांच बिंदुओं की प्रविष्टि एमसीपी कार्ड में अलग-अलग स्टीकर लगाएं जाएंगे। अभियान के अंतर्गत प्रत्येक माह की 9 तारीख को 50 प्रतिशत लक्षित महिलाओं को लाने पर आशा कार्यकर्ताओं को रूपए 100/- प्रति माह प्रोत्साहन राशि जननी सुरक्षा योजना के प्रशासकीय मद से दी जाएगी।

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