और महँगा हो सकता है सब्सिडी वाला गैस सिलिंडर - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 3 अगस्त 2016

और महँगा हो सकता है सब्सिडी वाला गैस सिलिंडर

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नयी दिल्ली, 02 अगस्त, सरकार ने संकेत दिये हैं कि सब्सिडी वाले गैस सिलिंडर की कीमतों में बढ़ोतरी जारी रह सकती है, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज यहाँ एक कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं द्वारा यह पूछे जाने पर कि सब्सिडी वाले गैस सिलिंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कब तक जारी रहेगी, कोई सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा “..जो हमने पेट्रोल और डीजल में किया है। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ते हैं तो दाम बढ़ाने पड़ते हैं, अभी जब कीमतें घट रही हैं तो कंपनियाँ दाम घटा रही हैं। ऐसे ही धीरे-धीरे सारे हाइड्रोकार्बन उत्पादों के संबंध में सोच होनी चाहिये।” सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दाम सरकारी नियंत्रण से मुक्त कर दिये हैं और अब ये पूरी तरह बाजार आधारित हैं। सरकार ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी के बीच रसोई गैस सिलिंडर पर दी जाने वाली सब्सिडी कम की है। इससे पिछले एक महीने में (01 जुलाई से) बिना-सब्सिडी वाला घरेलू गैस सिलिंडर जहाँ 61.50 रुपये सस्ता हुआ है, वहीं सब्सिडी वाले गैस सिलिंडर के दाम 3.91 रुपये बढ़ गये हैं। श्री प्रधान ने कहा “एलपीजी के दाम की प्रणाली तो कंपनियों को तय करनी है। मूल उद्देश्य देश में धीरे-धीरे ग्राहकों को सुविधा पहुँचाना है, यानी एक सही बाजार प्रणाली स्थापित करनी है। जिन उत्पादों में सब्सिडी की आवश्यकता है और जिनकाे आवश्यकता है... मैंने पहले भी कहा है, कि सब्सिडी किनको मिलनी चाहिये इस पर बहस होनी चाहिये। ये उसी से सारे जुड़े विषय हैं।” यह पूछे जाने पर कि यदि सरकार इसी तरह सब्सिडी कम करती रही तो जब अंतराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल के दाम बढ़ेंगे तब गरीबों के लिए सब्सिडी वाला सिलिंडर खरीदना भी महँगा हो जायेगा, पेट्रोलियम मंत्री ने सीधा जवाब न/न देते हुये कहा “इसकाे क्या हम प्रगति कहेंगे कि 60 प्रतिशत लोगों तक सस्ती एनर्जी पहुँचे और 40 प्रतिशत तक बिल्कुल न/न पहुँचे?” उन्होंने कहा “यदि बाजार व्यवस्था खड़ी करनी है तो उसके लिए निवेश चाहिये। निवेश के लिए सरकारी कंपनियों को भी व्यावसायिक लाभ होना चाहिये और निजी क्षेत्र को भी। निवेशकों को भी एक आश्वासन चाहिये, अपने निवेश पर निश्चितता एवं स्पष्टता चाहिये। यह तभी हो पायेगा जब बाजार आधारित मूल्य प्रणाली होगी।” श्री प्रधान ने इन आरोपों को खारिज कर दिया कि सरकार ने चुपचाप दाम बढ़ाये हैं। उन्होंने कहा “कोई चुपचाप दाम नहीं बढ़ा है। मिट्टी के तेल के दाम के लिए ताे अधिसूचना जारी करनी पड़ती है।”

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