पटना 21 नवंबर, बिहार में सत्तारूढ़ महागठबंधन सरकार के एक साल के कार्यों, योजनाओं एवं उपलब्धियों पर आज जारी रिपोर्ट कार्ड को विपक्षी दलाें ने झूठ का पुलिंदा बताया और कहा कि इसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भाषणबाजी में की गई थोथी घोषणाओं का संकलन मात्र है। बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं भाजपा विधानमंडल दल के नेता सुशील कुमार मोदी ने रिपोर्ट कार्ड को झूठ का पुलिंदा बताया और कहा कि एक साल के कार्यकाल में कोई खास उल्लेखनीय उपलब्धियां नहीं होने की वजह से पहले तो महागठबंधन सरकार ने रेल हादसे के बहाने रिपोर्ट कार्ड को जारी करना टाल दिया, फिर दूसरे दिन इसे चुपके से जारी कर जनता को झांसा देने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि विपक्ष की ओर से उठाए गए उन तमाम सवालों का जवाब देना सरकार ने मुनासिब नहीं समझा जो सीधे जनता से जुड़े हुए हैं। रिपोर्ट कार्ड में सरकार को बताना चाहिए था कि सत्ताधारी दल के उन दर्जन भर विद्यायकों के खिलाफ क्या कार्रवाई हुईं जिनके काले कारनामों से पूरे देश में बिहार को शर्मसार होना पड़ा है। पूरे बिहार में कोहराम मचाने वाले अपराधियों पर नकेल कसने में सरकार क्यों विफल रही। श्री मोदी ने सवालिया लहजे में कहा कि बिहार में कानून के राज का दावा करने वाली सरकार बताये कि जेल-बेल और बचाने-फंसाने का खेल क्यों जारी रहा। भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टाॅलेरेंस की नीति का दावा करने वाली सरकार को बताना चाहिए कि पिछले एक साल में ‘बिहार विशेष न्यायालय अधिनियम-2009’ के तहत कितने भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई कर उनकी सम्पति जब्त की गई और वहां स्कूल खोला गया। रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए कितने आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई हुई तथा आय से अधिक सम्पति के कितने मामले दर्ज किए गए।
पूर्व उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री चापाकल, नगर विकास और ग्रामोदय योजनाओं को क्यों बंद कर दिया गया। बैंकों की शिक्षा ऋण योजना को ‘स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड’ का नया नाम देकर क्या छात्रों को झांसा देने की कोशिश नहीं की गई है। क्या छात्रों को वाई-फाई शैक्षिक कैम्पस का तब तक कोई लाभ मिल पायेगा, जब तक कि उनके पास लैपटाॅप नहीं होंगे। क्या इस रिपोर्ट कार्ड को चुपके से जारी कर सरकार ने यह स्वीकार नहीं कर लिया है कि वह सभी मोर्चों पर बुरी तरह से विफल हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एवं लोक लेखा समिति के सभापति नंदकिशोर यादव ने यहां सरकार की ओर से जारी रिपोर्ट कार्ड पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा, “महागठबंधन सरकार के एक साल का रिपोर्ट कार्ड छलावों की रंगीन छाया-प्रति मात्र है। 140 पृष्ठ का यह रिपोर्ट कार्ड चुनाव के पहले का ‘बढ़ चला बिहार’ से लेकर हवा-हवाई विजन डाक्यूमेंट और सात निश्चय को लेकर श्री कुमार के साल भर की भाषणबाजी में की गई थोथी घोषणाओं का संकलन मात्र है।” श्री यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सात पन्नों में केवल दो शब्द लिखे है। नीतीश जी के ये दो शब्द साल भर से दिये जा रहे भाषणों का संकलन मात्र है। राज्य में शैक्षणिक और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े संस्थानों के निर्माण के लिए वित्त वर्ष 2016-17 की बजट में जो घोषणाएं हुई थीं, रिपोर्ट कार्ड में भी उनमें से अधिकतर घोषणाएं यथावत हैं। उन्होंने कहा कि हर मोर्चे पर विफल महागठबंधन की सरकार ने अपराध नियंत्रण, वित्तीय प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण व्यवस्थागत मुद्दों पर भी रिपोर्ट कार्ड में भ्रामक तथ्य ही अंकित किये हैं। रिपोर्ट कार्ड पूरी तरह से असत्य और भ्रम की पोटली है।
बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) की राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष सीमा सक्सेना ने रिपोर्ट कार्ड को ‘जले पर नमक’ बताया और कहा कि बिहार की जनता ने जिन उम्मीदों के साथ महागठबंधन के पक्ष में भारी जनादेश दिया था वो अब पछता रही है। बिहार की जनता के लिए महागठबंधन सरकार का एक साल बर्बादी और तबाही का साल रहा है। राज्य में बाढ़ से इतनी बड़ी तबाही हुई और हर जगह बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद में सुस्ती और लापरवाही बरते जाने की ख़बरें आईं। श्रीमती सक्सेना ने कहा कि इसी तरह तमाम लंबित परियोजनाएं ठप पड़ी रहीं लेकिन महागठबंधन सरकार नई-नई घोषणाएं करती रही। इनमें ज्यादातर उन्हीं योजनाओं को पूरा करने का वादा किया गया है जो जनता दल यूनाईटेड (जदयू) सरकार की पुरानी योजनाओं का ही हिस्सा थीं। पुरानी योजनाएं अभी तक पूरी क्यों नहीं की जा सकीं और उन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा रिपोर्ट कैसी रही इन सभी पर सरकार का रिपोर्ट कार्ड मौन है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट कार्ड में पूर्ण शराबबंदी का दावा करने वाली नीतीश सरकार शराब की तस्करी रोकने में नाकाम रही और अभी भी ज्यादा कीमत देने पर बिहार में शराब उपलब्ध हो रही है। खुद महागठबंधन के कई नेता शराबबंदी में शराब पीते पकड़े गए और इस तरह इच्छाशक्ति की कमी दिखी। इस बीच जन अधिकार पार्टी (जाप) के संरक्षक एवं सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने रिपोर्ट कार्ड को झूठ का पुलिंदा बताया और कहा कि पिछले एक साल में बिहार अपराधियों की शरण में चला गया है। सत्ता संरक्षित अपराध बढ़े हैं। माफिया, दलालों, अपराधियों को पूरी छूट मिल गयी है। आम आदमी असुरक्षित हो गया है। रिपोर्ट कार्ड में जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) में व्याप्त भ्रष्टाचार, कुपोषण, बदहाल शिक्षा व्यवस्था, महिला सशक्तीकरण, आर्सेनिक और आयरन युक्त पानी को लेकर कुछ नहीं कहा गया है।

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