नयी दिल्ली, 21 नवंबर, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने महिलाओं और बच्चों के समग्र विकास की प्रतिबद्धता दोहराते हुए आज कहा कि इसके लिए बहुस्तरीय तरीके से काम किया जा रहा है। श्रीमती गांधी ने यहां द्वितीय ‘अखिल भारतीय महिला पत्रकार’ कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए सरकार ने कई कानून बनाए हैं और इन्हें सख्ती से लागू किया जा रहा है। इनमें घरेलू हिंसा, कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा, बच्चों के अधिकारों का संरक्षण और दत्तक प्रक्रिया से संबंधित कानून शामिल हैं। इसके अतिरिक्त एकीकृत बाल विकास योजना के तहत आंगनवाड़ियों में परोसे जाने वाले भोजन की जांच के लिए देशभर में चार प्रयोगशाला स्थापित की गयी हैं। ये फरीदाबाद, चेन्नई, कोलकाता और मुंबई में हैं। उन्हाेंने बताया कि सरकार ने दत्तक प्रक्रिया से संबंधित नियमों के प्रारुप को अंतिम रुप दे दिया है और इनपर सुझाव और सलाह मांगी गयी है। इसके अलावा अनाथ, परित्यक्त और अनाथालयों में रहने वाले बच्चों के लिए विशेष प्रावधान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति भी दी जा रही है। बच्चों बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय बाल कोष की स्थापना की गयी है।
सोमवार, 21 नवंबर 2016
महिलाओं, बच्चों के विकास के लिए प्रतिबद्ध सरकार
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