झारखण्ड : चमरा बहियार हुआ प्रथम कैशलेस ट्रान्जेक्शन सक्षम पंचायत - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 29 दिसंबर 2016

झारखण्ड : चमरा बहियार हुआ प्रथम कैशलेस ट्रान्जेक्शन सक्षम पंचायत

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नोटबंदी से परेशान पूरे भारतवर्ष में पिछले डेढ़ महीनें से जहाँ एक ओर आम नागरिकांे की पूरी व्यवस्था ही थम चुकी थी। मात्र दो हजार रुपये की निकासी के लिये महानगरों से लेकर गाँव-कस्बों तक बैंक एटीएम के समीप घंटों कतारबद्ध नागरिकों को देखा जाता था। न्यूनतम जरुरत की चीजें लोग खरीद पा सकने में असमर्थ थे। वहीं कैशलेस व्यवस्था से ट्रान्जेक्शन की तैयारी में झारखण्ड की उप राजधानी का चमरा बहियार पंचायत ने एक ऐतिहासिक उपलब्धी हासिल की।  परिणाम सुखद भी रहा। इस जिले का प्रथम कैशलेस विनिमय सक्षम पंचायत के रुप में क्रिसमस का गिफट चमरा बहियार पंचायत को प्राप्त हुआ। अब इस पंचायत के लोग पूरी तरह कैशलेस विनिमय कर सकेगें। नया वर्ष इस पंचायत के लिये काफी अहम होगा। चाहे दो जून रोटी के लिये आटा-दाल, चावल की व्यवस्था करनी हो या फिर साग-शब्जी से लेकर सोना-चाँदी, कपड़ा-किताब या फिर अन्य चीजों की। सारी चीजें कैशलेस होगीें। नकद रुपये से खरीद-बिक्री की प्रथा का अंत हो चुका है। पंचायत के लोगों में ऐसी जागरुकता देखकर यह सहर्ष अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोग अब पुरानी व्यवस्था से उब चुके हैं। उन्हें विनिमय की नई व्यवस्था चाहिए, तभी तो पंचायत की मुखिया पूनम मरांडी खुद को काफी गौरवान्वित महसूस करती हैं। 

वे कहती हैं-जिस पंचायत में शिक्षा की रौशनी से अब भी काफी लोग दूर हैं, उस पंचायत में कैशलेस ट्रान्जेक्शन व्यवस्था ने अपना परचम लहराया। पंचायत की अन्य आदिवासी महिलाओं का तहेदिल से वह आभार प्रकट करती है, जिन्होनें अपना बहुमूल्य समय इस कार्य के लिये अर्पित किया। रात-दिन की मेहनत का ही नजीता रहा कि यह कार्यक्रम सफल हो सका। सूबे की उप राजधानी दुमका के जरमुण्डी प्रखंडान्तर्गत पंचायत चमरा बहियार कैशलेस विनिमय सक्षम पंचायत के रूप में घोषित हो गया। क्रिसमस व बड़ा दिन के शुभ अवसर पर जिले के डीसी राहुल कुमार सिन्हा ने इस पंचायत को प्रमाण-पत्र देकर इसकी घोषणा की। पाँच हजार से अधिक आबादी व एक हजार से अधिक परिवार वाला पंचायत का यह गांव प्रथम कैशलेस विनिमय के लिए डिजीटल इंडिया कार्यक्रम के तहत जिले के प्रथम गाँव के रुप में सूचीबद्ध हो गया है। पिछले 24 दिनों से जिला प्रशासन, प्रज्ञां केन्द्र व विभिन्न बैंकों के बैंककर्मियों ने रात-दिन की मेहनत से कैशलेस ट्रांजेक्शन के लिये इस पंचायत को सक्षम पंचायत बनाया। कुल ग्यारह गांवों के इस पंचायत में रहने वाले लोगों  को कैशलेस विनिमय का प्रशिक्षण पिछले कई दिनों से दिया जा रहा था। इसमें क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों सहित जनप्रतिनिधियों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। घर-घर जागरुकता कार्यक्रम चलाकर लोगों को इसकी जानकारी दी गई। एक अभियान के रुप में लेकर प्रशासनिक पदाधिकारियों सहित जनप्रतिनिधियों, बैंककर्मियों, व्यवसायियों, दूकानदारों व पढ़े-लिखे नौजवानों ने औरत-मर्द, युवाओं व बच्चों तक में इसकी जागरुकता फैलाई। विद्यालयों, महाविद्यालयों, आँगनबाड़ी केन्द्रों, जल सहियाओं, कृषक मित्रों व पंचायत प्रतिनिधियों को इसके लिये उत्साहित किया गया। उन्हें इस बात का अहसास दिलाया गया कि मोबाईल ट्रान्जेक्शन, आधार कार्ड व स्वाईप मशीनों से चीजों का क्रय-विक्रय काफी आसान ही नहीं बल्कि सुरक्षित भी है। पहले लोग नोट के माध्यम से विनिमय का कार्य किया करते थे। रुपये रखने से असुरक्षा की स्थिति बनी रहती थी। रुपये लूट जाने, खो जाने अथवा चोरी हो जाने का भय बना रहता था। जान का खतरा रहता था बना सो अलग। कैशलेस ट्रान्जेक्शन से उपरोक्त का कोई डर नहीं रह जाऐगा। ऐसे जागरुकता कार्यक्रम से ग्रामीणों में एक विश्वास पैदा हुआ। एक अद्भुत जागृति आयी। रुचि से इस व्यवस्था को अपनाने के लिये लोग आगे आने लगे। युवाओं, मर्दों की तुलना में औरतों व युवतियों ने काफी दिलचस्पी दिखलाई। प्रशासन के सहयोग के लिये खुशी-खुशी स्वीकृति दे दी। अंततः यह सपना साकार हुआ। डीसी, दुमका राहुल कुमार सिन्हा ने चमरा बहियार पंचायत के पंचायत भवन में इस कार्यक्रम  की सफलता के लिये ग्रामीणों का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा पैसे को घर में सुरक्षित रखने व पुरखों की तरह बचत करने का जमाना अब नहीं रहा। पैसे की अहमियत को समझने की जरुरत है। घर में रखने के बजाय बाजार में व्यवसाय के माध्यम से अधिक से अधिक धन उपार्जित किया जा सकता है। इससे ग्रामवासियों का ही भला होगा। घर की अपेक्षा बैंक में  पैसे ज्यादा सुरक्षित रहेगें। 

चलंत मुद्रा से ही समाज के लोगों की भलाई होगी। वैसी मुद्रा जो सरकार की नजरों से छुपाकर रखी जाती हैं उन्हें खत्म करने के लिए व देश को विकास की राह पर ले जाने में कैशलेस विनिमय महत्वपूर्ण भूमिका निभाऐगी। उन्होने कहा कुछ ही दिनों में इस पंचायत में परिवर्तन दिखने लगा है। फोन आपका साथी बनेगा। सब लोग एक साथ मिलकर देश को विकास के पथ पर ले जाने के लिए कैशलेस भुगतान करें। चुनौतियां हैं, किन्तु हमें आगे बढ़ना होगा। व्यवसायियों से कहा कि नोटबंदी के तुरंत बाद बड़ी मुद्राओं के बंद हो जाने से सभी तरह के व्यवसाय में गिरावट आयी थी, किन्तु व्यवसायियों ने भी कैशलेस ट्रांजेक्शन को अपनाया। उन्होंने कहा सिर्फ हमारे चाह लेने से या फिर समझ लेने से कुछ नहीं होगा। इस महायज्ञ में आम आदमी की सौ फीसदी भागीदारी होगी तभी यह प्रयास सफल होगा। पंचायत को कैशलेस विनिमय के लिए तैयार करना थोड़ा कठिन जरूर था, किन्तु ग्रामीणों की रूची ने इसे आसान बना दिया। उप निदेशक जन सम्पर्क अजय नाथ झा का कहना था, वर्तमान समय की यह सबसे बड़ी जरुरत है। अब बैंकों में लाईन लगाने की जरूरत नहीं है। पूरी दूनिया आपके मोबाईल में सुरक्षित है, आप की उंगलियाँ दबी कि आपका काम हो जाऐगा प्रारंभ। घर बैठे हजारों का लेन-देन आसानी से कर सकेगें। चीजें पुरानी है, बस इसका आधुनिकीकरण किया गया है। बैंक कर्मियों की भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण है। बैंककर्मी स्वस्थ मन से अपने कर्तव्यों का निर्वाह नहीं करते तो यह जिला ऐसी अद्भुत उपलब्धी से दूर ही रहता। बैंककर्मियों ने कहा शीघ्र ही पंचायत के प्रत्येक व्यक्ति को डेविट कार्ड उपलब्ध करा दिया जाऐगा। बैंक मैनेजर शिव कुमार अपने जीवन की यह एक बड़ी उपलब्धी मानते हैं। जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी रवि रंजन भी इसे बेहतर तकनीक कहते हैं। उनका कहना है, वर्तमान व्यवस्था में यह तकनीक महत्वपूर्ण व ग्राहय है। बीडीओ जरमुण्डी संजय कुमार दास ने कहा ग्रामीणों की सहभागिता व उनके अथक प्रयासों का का परिणाम है कि दुमका जिला का यह पंचायत कैशलेस पंचायत के रुप में सूबे में अव्वल बना। जिला का पहला कैशलेस पंचायत चमरा बहियार क्रिसमस से कैशलेस काम करना प्रारंभ कर दिया है। यह एक महत्वपूर्ण शुरूआत है। पंचायत की मुखिया पूनम मरांडी मानती हैं कि पंचायत में एक भी व्यक्ति ऐसा नहीं है जिसके पास मोबाईल, आधार कार्ड व बैंक खाता की सुविधा न हो, ऐसे में इस तकनीक के उपयोग में किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए। यह दिगर बात है कि शुरुआती दौर में किसी भी नई चीज को अपनाने में थोड़ी परेशानी होती ही है, लेकिन पंचायतवासी तमाम तरह की परेशानियों को दूर कर कैशलेस ट्रान्जेक्शन की प्रक्रिया को अपनायेंगे। दूसरों को भी अपनाने के लिए पे्ररित करेंगे। डीसी दुमका ने पंचायत वासियों को इसके लिये धन्यवाद दिया व उनकी प्रशंसा की। अंचलाधिकारी परमेश कुशवाहा, पंचायत के सभी गांवों के ग्रामीण, व्यवसायी एवं युवाओं ने जिला प्रशासन की ओर से इसे एक अद्भुत पहल बतलाया। 




(अमरेन्द्र सुमन)

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