बक्सर 30 जनवरी, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नशामुक्त राष्ट्र पर बल देते हुए आज कहा कि यदि पूरे देश में नशाखोरी पर रोक लग जाये, तो भारत अग्रणी देशों की श्रेणी में खड़ा हो जायेगा। श्री कुमार ने निश्चय यात्रा के नौंवे चरण के तहत बक्सर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार के बाद अब समूचा भारत नशा मुक्त होगा। इसकी मुहिम तेज हो गई है। इस महा अभियान में हर वर्ग की जनता का अपार समर्थन भी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी कानून ने बिहार में इतिहास रच दिया। इससे लोगों की जीवनशैली बदल गयी है। यदि पूरे देश में नशाखोरी पर रोक लग जाये, तो भारत अग्रणी देशों की श्रेणी में खड़ा हो जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सूबे में शराबबंदी से हर घर में खुशहाली आई है। घर-घर में कलह खत्म हो गई है। अपराध में कमी आई है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि हाल में कराए गए सर्वेक्षण में यह तथ्य निकल कर आया है कि शराबबंदी के बाद से प्रदेश में रसगुल्ला 16, पेड़ा 15 तथा रेडीमेड कपड़ों की बिक्री 44 फीसदी बढ़ गई है।
श्री कुमार ने सरकार के सात निश्चय की चर्चा करते हुए कहा कि सात निश्चयों में से चार निश्चय हर घर नल का जल, हर घर शौचालय निर्माण, पक्की गली-नाली, हर घर बिजली कनेक्शन का क्रियान्वयन विकेन्द्रीकृत तरीके से हो रहा है। अगले चार वर्षों में सात निश्चय को पूरा कर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि बिहार को विकसित राज्य बनाना है, इसके लिये सभी का सर्वांगीण विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सात निश्चयों में युवाओं को केन्द्र में रखकर “आर्थिक हल, युवाओं का बल” कार्यक्रम के द्वारा युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार उपलब्ध कराना है। इसके लिये हर जिले में आद्यौगिक प्रशिक्षण संस्थान , इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक एवं ए0एन0एम0 स्कूल खोला जा रहा है। उन्होंने कहा कि निर्धनता के कारण राज्य में 12वीं से आगे मात्र 13 प्रतिशत छात्र ही पढ़ाई कर पाते हैं। कोई भी इच्छुक छात्र-छात्रा जो 12वीं से आगे पढ़ना चाहता हैं , उसे चार लाख रूपये तक की सीमा का स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराया जा रहा है। श्री कुमार ने कहा कि 20 से 25 साल के ऐसे युवा जो आगे पढ़ना नहीं चाहते हैं तथा रोजगार तलाशना चाहते हैं तो ऐसे युवाओं को स्वयं सहायता भत्ता के रूप में प्रतिमाह एक हजार रूपये दो साल तक सरकार की ओर से दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि सात निश्चय का एक कार्यक्रम कुशल युवा कार्यक्रम है ताकि युवाओं का क्षमतावर्द्धन किया जा सके। आज के युग में कम्प्यूटर पर काम करना नहीं आयेगा तो रोजगार के अवसर नहीं बढ़ेंगे। इसके अलावा अच्छे व्यवहार एवं संवाद कौशल की भी जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने राज्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार के प्रयासों की चर्चा करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिये राज्य की सभी सरकारी सेवाओं में 35 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि बिहार पहला राज्य है, जहां पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों में महिलाओं को पचास प्रतिशत आरक्षण दिया गया। संविधान के अनुसार पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों में एक तिहाई आरक्षण महिलाओं को दिया जाना था लेकिन महिलाओं की आबादी आधी है, इसके फलस्वरूप महिलाओं को बिहार में पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों में पचास प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। श्री कुमार ने कहा कि पहले विद्यालयों में बालिकाओं का नामांकन काफी कम था। साइकिल एवं पोशाक योजना शुरू की गयी। लड़कियों की संख्या में वृद्धि होने लगी। पहले स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं की संख्या एक लाख 70 हजार थी, जो अब बढ़कर लगभग साढ़े आठ लाख हो गयी है। इस मौके पर अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण मंत्री संतोष कुमार निराला, खान एवं भूतत्व मंत्री मुनेश्वर चौधरी उपस्थित थे।

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