रांची 30 जनवरी, झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के लगातार आठवें दिन आज भी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) विधायकों के हंगामे के कारण प्रश्नोत्तरकाल की कार्यवाही बाधित रही। विधानसभा में आज पूर्वाह्न 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरु होने पर विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के शहादत दिवस पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करने के साथ कार्यवाही शुरु करने से सदस्यों से पहले कुछ पल के लिए मौन रखने की अपील की। पक्ष-विपक्ष के सदस्यों ने कुछ पल के लिए मौन रखकर राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि दी। झारखंड विकास मोर्चा (झाविमो) विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने 6000 छात्र-छात्राओं को टेक्नो इंडिया द्वारा दुमका, रामगढ़, चाईबासा और रांची के सिल्ली में संचालित शैक्षणिक संस्थानों से मिलने वाले प्रमाण पत्र का मसला उठाया। उन्होंने कहा कि राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय और पॉलिटेक्निक कॉलेज के नाम पर इन संस्थानों में छात्र-छात्राओं का नामांकन कराया गया लेकिन पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद उन्हें जो प्रमाण पत्र दिया जा रहा है उसकी मान्यता देश में कहीं नहीं मिल रही है। इससे छात्र.छात्राओं का भविष्य अधर में पड़ गया है इसलिए सरकार इस मामले में समुचित कार्रवाई करें। इस बीच झामुमो के चंपई सोरेन जगरन्नाथ महतो समेत कई विधायक सीएनटी-एसपीटी अध्यादेश में संशोधन वापसी के अपने पुराने मांगों को लेकर वेल में आकर शोर-शराबा करने लगे। नौजवान संघर्ष मोर्चा के भानू प्रताप शाही ने अपने क्षेत्र में एक समुदाय विशेष के खिलाफ प्रशासनिक अत्याचार का मामला उठाया। विधानसभा अध्यक्ष ने झामुमो सदस्यों को शांत कराने की कोशिश की लेकिन सदन को व्यवस्थित न होता देखकर सदन की कार्यवाही को अपराह्न 12.45 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
सदन की कार्यवाही दुबारा शुरु होने पर संसदीय कार्यमंत्री सरयू राय द्वारा दामोदर घाटी निगम का वित्तीय वर्ष 2014-15 के वार्षिक प्रतिवेदन और वित्तीय वर्ष 2015-16 के वार्षिक बजट की एक-एक प्रति सभा पटल पर रखी। वहीं वित्तीय वर्ष 2017-18 के आय-व्ययक में सम्मिलित कृषि विभाग की अनुदान मांग पर चर्चा का प्रस्ताव और झाविमो के प्रदीप यादव ने कटौती प्रस्ताव रखा जिसके बाद सभा की कार्यवाही को भोजनावकाश दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। भोजनावकाश के बाद दोपहर दो बजे सदन की कार्यवाही शुरु होने पर पर भी झामुमो विधायक अपनी मांगों को लेकर वेल में आ गये और उनके शोर-शराबे के बीच ही अनुदान मांग पर चर्चा हुई। झाविमो के प्रदीप यादव ने चर्चा की शुरुआत करते हुए कई जनसमस्याओं को रखा। भाजपा के योगेश्वर महतो बाटुल हरेकृष्ण सिंह और भानू प्रताप शाही ने भी चर्चा में भाग लिया जिसके बाद सरकार की ओर से मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी सरयू राय और रणधीर सिंह ने उत्तर दिया और कटौती प्रस्ताव को अमान्य करते हुए कृषि विभाग की 18. 03 अरब रूपये से अधिक की अनुदान मांग को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। इस दौरान पक्ष -विपक्ष के सदस्यों ने आज कृषि विभाग के अलावा सहकारिताए पशुपालन, जल संसाधन, पेयजल स्वच्छता और खाद्यान आपूर्ति विभाग की अनुदान मांगों पर भी अपने सुझाव रखे।

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