जालंधर 03 फरवरी, पंजाब विधानसभा के 117 सदस्यों का चुनाव करने के लिए शनिवार को मतदान होगा। अमृतसर लोकसभा सीट के लिए भी कल उपचुनाव होगा, मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले के बाद हो रहे इस पहले चुनाव में 1.98 करोड़ लोग अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे । चुनाव के लिए 1,145 उम्मीदवार मैदान में हैं जिनमें से 81 महिलाएं हैं और एक किन्नर (ट्रांसजेंडर) प्रत्याशी शामिल है। राज्य में शांतिपूर्वक चुनाव संपन्न कराने के लिए अर्धसैनिक बलों की 200 से ज्यादा कंपनियां तैनात की गई हैं । राज्य के 1,98,79,069 मतदाताओं में से 93,75,546 महिलाएं और 415 ट्रांसजेंडर हैं। जिनमें से युवा मतदाताओं की संख्या एक करोड़ दो लाख 44 हजार 410 है जो 50 फीसदी से ज्यादा है। कुल मतदाताअों का 64 फीसदी मतदाता ग्रामीण क्षेत्र में है इनकी संख्या एक करोड़ 33 लाख 42 हजार 926 है जबकि 65 लाख 36 हजार 143 शहरी मतदाता हैं। सभी पार्टीयों के उम्मीदवारों में जीत उसी की होगी जो युवा मतदाताओं को आकृषित करने में सफल रहेंगे। समूचे राज्य में 22,615 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। 83 विधानसभा क्षेत्र सामान्य श्रेणी के हैं जबकि 34 आरक्षित हैं। पंजाब में शिअद-भाजपा गठबंधन, कांग्रेस और आप के बीच त्रिकोणिय मुकाबला हो रहा है। आप का दावा है कि वह दिल्ली वाली अपनी सफलता को राज्य में दोहराएगी जहां 2015 के चुनाव में उसने कांग्रेस और भाजपा का सूपड़ा साफ कर दिया था। चुनावाें में मुख्य मुकाबला शिरोमणी अकाली दल, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों के बीच होगा लेकिन मुख्य मंत्री प्रकाश सिंह बादल के चुनाव क्षेत्र लंबी, उपमुख्य मंत्री सुखवीर सिंह बादल के चुनाव क्षेत्र जलालावाद, पटियाला तथा मजीठा विधानसभा हलकों में मुकाबला दिलचस्प होगा। सत्ताधारी पार्टी अकाली दल तथा भाजपा गठजोड़ को जहां विरोधी लहर का सामना करना पड़ रहा है वहीं दस वर्ष सत्ता से दूर रही कांग्रेस को भी जीत के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है।
शुक्रवार, 3 फ़रवरी 2017
दो करोड़ मतदाता करेंगे 1145 उम्मीदवारों का भविष्य तय
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