लखनऊ 05 फरवरी, उत्तर प्रदेश राज्य विधानसभा चुनाव के पहले और दूसरे चरण के चुनाव में जीत के लिये मुसलमानों की अहम भूमिका मानते हुए राजनीतिक दल उन पर डोरे डालने में कोई कोरकसर नहीं छोड़ रहे हैं। बहुजन समाज पार्टी(बसपा), समाजवादी पार्टी(सपा) कांग्रेस, राष्ट्रीय लोकदल(रालोद) जहां मुसलमानों को सीधे तौर पर रिझाने में जुटे हैं वहीं भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) मुसलमानों से विकास के नाम पर अपने से जोड़ना चाहती है। भाजपा का कहना है कि दूसरे दलों ने मुसलमानों को सिर्फ वोट बैंक समझा, उनके विकास के लिए ठोस नीति नहीं बनायी। आमतौर पर मुसलमान भाजपा को हराने वाले उम्मीदवार को वोट देते हैं। इस चुनाव में भी यही सम्भावना दिख रही है। राज्य विधानसभा के प्रथम और द्वितीय चरण में होने वाले 140 सीटों में 50 से अधिक ऐसी सीटें हैं जहां मुस्लिम मतदाताओं की तादाद अच्छी खासी संख्या में है। वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक राज्य में मुसलमानों की आबादी करीब 19़ 3 फीसदी है लेकिन आंकड़े बताते हैं कि राज्य के पश्चिमी इलाकों में इनकी आबादी 27़ 5 प्रतिशत है। इतनी आबादी के बावजूद उत्तर प्रदेश से लोकसभा के 2014 के चुनाव में एक भी मुस्लिम चुनकर नहीं गया। मुसलमानों में इसे लेकर चर्चा होती रहती है। आंकड़ों के अनुसार 2014 का पहला ऐसा चुनाव था जिसमें इस राज्य से मुस्लिम प्रतिनिधित्व लोकसभा में नहीं पहुंचा लेकिन 2012 के विधानसभा चुनाव में 79 मुस्लिम विधायक चुने गये थे जबकि 2007 में इनकी संख्या 56 थी।
मुसलमानों की राजनीति करने वालों की चाहत है कि 2017 के चुनाव में मुसलमानों की विधानसभा में तादाद ठीकठाक रहे ताकि उनके मुद्दों पर बहस हो और उनके हित में निर्णय लिये जा सकें। गैर भाजपा दलों ने मुस्लिम मतदाताओं को रिझाने के लिए कोई कोरकसर नहीं छोड़ रखी है। बसपा अध्यक्ष मायावती ने बहुचर्चित विधायक मुख्तार अंसारी की कौमी एकता दल का अपनी पार्टी में विलय करते हुए मुख्तार, उनके बेटे और भाई को टिकट दे दिया। कौमी एकता दल की वजह से सपा में रार शुरु हुई थी और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुख्तार और उनकी पार्टी को किसी भी हालत में सपा में विलय नहीं होने देने का निर्णय लिया था। सपा-कांग्रेस गठबन्धन और राष्ट्रीय लोकदल ने काफी मुस्लिम प्रत्याशी उतारे हैं जबकि सुश्री मायावती ने अपनी पार्टी से 99 मुस्लिमों को टिकट दिया है। रामपुर में सर्वाधिक 70़ 2 फीसदी मुस्लिम आबादी है। रामपुर में द्वितीय चरण में 15 फरवरी को मतदान होना है।

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