पटना 06 फरवरी, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने उत्तर प्रदेश (यूपी) विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच सिर्फ गठबंधन बनने पर अफसोस जाहिर किया और कहा कि वह चाहते थे कि बिहार की तरह ही उत्तर प्रदेश में भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की हार सुनिश्चित करने के लिए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को साथ लेकर महागठबंधन बनता । श्री कुमार ने आज यहां लोक संवाद कार्यक्रम के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में साम्प्रदायिक भाजपा के खिलाफ सभी धर्मनिरपेक्ष दलों को एकजुट कर महागठबंधन बनाये जाने के पक्ष में थी लेकिन अफसोस है कि ऐसा नहीं हुआ । उन्होंने कहा कि यदि बसपा भी सपा-कांग्रेस गठबंधन में शामिल होती तो इसे महागठबंधन कहा जाता । अभी सपा-कांग्रेस के बीच जो चुनावी तालमेल हुआ है वह सिर्फ एक गठबंधन है न कि महागठबंधन जैसा कि बिहार में हुआ था । जदयू नेता ने कहा कि बिहार में विधानसभा चुनाव से पूर्व वर्ष 2015 में जदयू, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस का महागठबंधन बना था । राज्य की जनता ने इस महागठबंधन को स्वीकार किया और भाजपा को करारी हार मिली । उन्होंने कहा कि इस प्रयोग को उत्तरप्रदेश के चुनाव में भी दोहराना चाहिए था ।
रेल मंत्री रह चुके श्री कुमार ने रेल बजट को आम बजट में समाहित किये जाने पर नाराजगी जाहिर की और कहा कि केन्द्र सरकार के इस अविवेकपूर्ण निर्णय से रेलवे की स्वायतता और कार्यकुशलता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने से इनकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि रेल का जो आकर्षण था, वह समाप्त हो गया । रेल के बारे में न सोच है, न नजरिया है, जबकि रेल ही आवागमन का मूल स्रोत है।
श्री कुमार ने कहा कि रेलवे में सफाई की व्यवस्था न के बराबर है। न रेल समय पर चलती है और न ही स्वच्छता का ध्यान है। मोदी सरकार ने रेलवे का बंटाधार कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस बार के बजट में बिहार की नयी या लंबित परियोजनाओं को पूरा करने के लिए कोई घोषणा नहीं की गयी है । भागलपुर को रेल मंडल बनाया जाना है लेकिन बजट में इसके लिए कोई प्रबंध नहीं किया गया है ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना और अन्य रेलवे स्टेशनों को विश्वस्तरीय बनाने की बात नई नहीं है जब श्री लालू प्रसाद यादव कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की पहली सरकार में रेल मंत्री थे तब ही उन्होंने इसकी घोषणा की थी । इसी तरह रेल डिब्बों में बायो टॉयलेट की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना भी पुरानी है और इसकी भी घोषणा श्री यादव के कार्यकाल में हुई थी ।

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