नयी दिल्ली, 06 फरवरी, उच्चतम न्यायालय ने सहारा चिटफंड मामले में सहारा समूह से अपनी ऐसी संपत्तियों की सूची सौंपने के लिए कहा है जिन पर किसी तरह का ऋण नहीं लिया गया है, इसके अलावा न्यायालय ने मुम्बई के निकट समूह के प्रोजेक्ट एम्बी वैली को जब्त करने का आदेश भी दिया है । न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा,न्यायमूर्ति ए.कुमार सीकरी और रंजन गोगोई की पीठ ने सहारा और भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड (सेबी) के वकीलों की दलीलों को सुनने के बाद यह आदेश दिया । शीर्ष अदालत ने कहा कि ये संपत्तियां अदालत की निगरानी में रहेंगी । इस मामले की अगली सुनवाई तक कोई भी इसे जब्त या अन्य कार्रवाई नहीं कर सकता है । मामले की अगली सुनवाई 27 फरवरी को होगी । अदालत ने सहारा समूह से अपनी ऐसी संपत्तियों की सूची भी सौंपने के लिए कहा है जिन संपत्तियों पर किसी तरह का ऋण नहीं लिया गया है । सहारा ने अदालत के समक्ष स्वीकार किया कि उसे 14 हजार करोड़ रुपये की राशि का भुगतान सेबी को करना था। समूह ने अदालत को बताया कि वह 11 हजार करोड़ रुपये दे भी चुका है।
सोमवार, 6 फ़रवरी 2017
सहारा की एम्बी वैली सम्पत्ति जब्त करने के आदेश
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