मोदी-नीतीश को होश में लाने के लिए होगी माले की अधिकार रैली: दींपकर - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 17 फ़रवरी 2017

मोदी-नीतीश को होश में लाने के लिए होगी माले की अधिकार रैली: दींपकर

नोटबंदी के 100 दिन पर आयोजित अधिकार रैली में अभिव्यक्त होगा जनता का आक्रोश. अधिकार यात्रा का समापन. भगत सिंह, जेपी और अंबेदकर की मूर्ति पर माले महासचिव सहित अन्य नेताओं ने किया माल्यार्पण कंकड़बाग में आयोजित हुई सभा.  अगमकुंआ में मोटरसाईकिल सवारों ने किया यात्रा में शामिल नेताओं का स्वागत.





deepankar bhattacharya
पटना,  पटना के कंकड़बाग टेंपो स्टैंड में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए माले महासचिव काॅ. दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि मोदी और नीतीश की सरकार आज होश खो बैठी है और जनता पर लगातार नए दमन ढा रही है. एक ने नोटबंदी के जरिए और दूसरे नेे शराबबंदी के नाम पर जनता के हर हिस्से पर हमला कर दिया है. हमारी रैली नशे में डूबी नीतीश सरकार को होश में लाने के लिए की जा रही है. यह रैली जनता से लगातार विश्वासघात करने वाली मोदी सरकार के खिलाफ हो रही है. यह रैली नोटबंदी के 100 वें दिन हो रही है. उस दिन पूरे देश में मोदी सरकार की तानाशाही के खिलाफ जनता बोलेगी और बिहार में हम ऐतिहासिक अधिकार रैली करेंगे. यह रैली मोदी और नीतीश कुमार की नई जुगलबंदी के खिलाफ भी है. बेगूसराय, खगड़िया, भागलपुर, कटिहार, पूर्णिया, अररिया, सुपौल, सहरसा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, वैशाली होते हुए यह यात्रा आज पटना पहुंची है. यात्रा में केंद्र-नीतीश सरकार के खिलाफ जनता में जबरदस्त आक्रोश दिखा. जगह-जगह आयोजित सभाओं में शहीदों के परिवारों ने हिस्सा लिया और यात्रा को गरीब-दलित व अल्पसंख्यक समुदाय का जबरदस्त समर्थन हासिल हुआ.

कंकड़बाग टेंपेा स्टैंड में सभा के पूर्व पूर्व 11 फरवरी से बेगूसराय निकली अधिकार यात्रा के आज पटना आगमन पर भाकपा-माले राज्य सचिव काॅ. कुणाल, काॅ. अमर, काॅ. केडी यादव, पूर्व विधायक काॅ. राजाराम सिंह, काॅ. राजाराम, काॅ. सरोज चैबे, काॅ. अभ्युदय, काॅ. रणवजिय कुमार, रामबलि प्रसाद आदि माले नेताओं के नेतृत्व में सैकड़ो मोटरसाकिल सवारों ने यात्रा में शामिल माले महासचिव काॅ. दीपंकर भट्टाचार्य, धीरेन्द्र झा, मीना तिवारी, रामेश्वर प्रसाद और शिवप्रकाश का स्वागत किया. तत्पश्चात कंकड़बाग रोड होते हुए यात्रा कंकड़बाग पहुंची, जहां विशाल सभा का आयोजन किया गया. माले महासचिव ने सभा को संबोधित करते हुए आग कहा कि 19 फरवरी की अधिकार रैली में समाज के विभिन्न वर्गों के अधिकारों की आवाज गूंजेगी. शिक्षा, रोजगार, भूमि अधिकार और अन्य सवालों पर आंदोलनों का नेतृत्व करने वाली ताकतों की भागीदारी होगी. एक तरह से यह रैली अधिकार आंदोलनों का महासम्मेलन होगी. 19 फरवरी को वेटनरी काॅलेज मैदान में लाखों की तादाद में जुटकर मोदी-नीतीश को करारा जवाब दिया जाएगा और जनता अपने अधिकारों की आवाज बुलंद करेगी.

अन्य वक्ताओं ने कहा कि बिहार में हाल के दिनों में दलित-गरीबों, महिलाओं, अल्पसंख्यकों पर हमले की बाढ़ आ गयी है. अभी हाल में भूमि अधिकार की लड़ाई लड़ते हुए अररिया जिला सचिव काॅ. सत्यनारायण सिंह यादव व कमलेश्वरी ऋषिदेव की बर्बरता से हत्या कर दी गयी. इसके पहले भी कई कार्यकर्ताओं की बर्बरता से हत्या की गयी. स्कूल के कैंपस में दलित छात्रा के साथ बलात्कार व हत्या हो रही है. इन गंभीर सवालों पर नीतीश सरकार एक शब्द तक नहीं बोल रही. संवेदनहीन नीतीश सरकार ने प्रशासन को शराबबंदी के अपने एकसूत्री अभियान में लगा रखा है. आज जबरदस्ती मानवशृंखला बनायी जा रही है. जबकि हर कोई जानता है कि ये नीतीश कुमार ही थे, जिन्होंने बिहार के गांव-गांव में शराब की दुकानें खुलवाईं. आज भी बिहार में शराब का उत्पादन बखूबी जारी है, होम डिलीवरी तक हो रही है, इस पर कठोर कार्रवाई करने की बजाए बिहार सरकार शराबबंदी की जुमलेबाजी से जनता को भरमाना चाहती है. सभा का संचालन पार्टी राज्य कमिटी सदस्य रणविजय कुमार ने किया.कंकड़बाग टेंपेा स्टैंड में आयोजित सभा की समाप्ति के उपरांत चिरैयाटांड़ पुल पार करते हुए यात्रा गांधी मैदान स्थित भगत सिंह चैक पहुंची और वहां पर शहीद-ए-आजम भगत सिंह को श्रद्धांजलि दी गयी. भगत सिंह चैक से यात्रा जेपी चैक पहुंची और वहां माल्यार्पण के बाद हाइकोर्ट परिसर स्थित अंबेदकर की मूर्ति पर माल्यार्पण किया. 

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