आज होगा ‘‘मिल बाॅंचे मध्यप्रदेष’’ कार्यक्रम का आयोजन
बच्चों में पढ़ने हेतु प्रोत्साहित करने की दृष्टि से 18 फरवरी 2017 को मध्यप्रदेष की समस्त प्राथमिक तथा माध्यमिक षालाओं में ‘‘मिल बाॅंचे मध्यप्रदेष’’ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है जिसका उद्देष्य बच्चों में पाठ्यपुस्तकों के अतिरिक्त अन्य पुस्तकों के पढ़ने एवं समझने की रूचि विकसित करना है तथा षासकीय षालाओं में प्रबुद्धजनों एवं समुदाय की सहभागिता बढ़ाते हुये बच्चों के व्यक्तित्व विकास में सहायता करना है। सीहोर जिले में इस हेतु 3409 लोगों ने इस कार्यक्रम में सहभागिता हेतु पंजीयन कराया है जिसमें 764 षासकीय सेवक तथा 2645 अषासकीय जनों ने जिनमें अधिवक्ता, इंजीनियर, डाक्टर, जनप्रतिनिधि, स्व-व्यवसायी, निजी क्षेत्र में कार्यरत लोग, स्वैच्छिक संगठन आदि षामिल हैं ने पंजीयन कराया है। इस कार्यक्रम में जिले के तथा म.प्र. के कई वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि विभिन्न षालाओं में सहभागिता करेगें । जिले से विधायक सीहोर श्री सुदेष राय षा.मा.षा. मनुबेन मण्डी, विधायक आष्टा श्री रणजीत सिंह गुणवान षा.मा.षा खामखेडा जत्रा, कलेक्टर डाॅ. सुदाम खाडे षा.मा.षा लोहापठार, पुलिस अधीक्षक डाॅ. मनीष कपूरिया षा.प्रा. लोहापठार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डाॅं. केदार सिंह मण्डलोई षा.मा.षा. गूलरपुरा, जिला षिक्षा अधिकारी श्री अनिल वैध षा.मा.षा. डोडी, जिला परियोजना समन्वयक श्री सी.बी. तिवारी षा.मा.षा.बरखेडी मे सहभागिता करेगे ।
जिला स्तरीय कृषक संगोष्ठी/प्रदर्षनी कार्यक्रम का आयोजन संपन्न
खेती को लाभ का धन्धा बनाने हेतु कृषि के साथ उद्यानिकी फसलों का समावेष करने की आवष्यकता है। साथ ही साथ समूह के आधार पर कृषक उत्पाद संगठन, मृदा स्वास्थ्य कार्ड की जाॅच के आधार पर फसल का चयन, जल संरक्षण हेतु सूक्ष्म सिंचाई पद्धति को अपनाने की आवष्यकता उक्त विचार कलेक्टर डाॅ. सुदाम खाडे ने दो दिवसीय जिला स्तरीय कृषक संगोष्ठी/प्रदर्षनी के समापन अवसर पर कही। कार्यक्रम में मुख्यरूप से डाॅ. ए. एन. टिकले, प्रधान वैज्ञानिक, कृषि महाविद्यालय, सीहोर, डाॅ. रामगिरि, प्रधान वैज्ञानिक, प्रजनक, कृषि महाविद्यालय, सीहोर, अवनीष चर्तुवेदी, उप संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, सीहोर, अषोक कुमार मिश्रा, सहायक संचालक, उद्यान, सीहोर, आर. के. प्रजापति, परियोजना संचालक, आत्मा, आर. एस. जाट, उप परियोजना संचालक, आत्मा, सीहोर, जे. के. कनौजिया, प्रमुख, कृषि विज्ञान केन्द्र, सेवनियाॅ, जिला - सीहोर, स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों व जिले के समस्त विकासखण्डों के 250 से अधिक कृषक उपस्थित थेे।संगोष्ठी में तकनीकी सत्र को प्रारम्भ करने से पूर्व वैज्ञानिकों ने कृषकों से उनकी खेती सम्बन्धित समस्याओं को जाना, जिसमें मुख्यरूप से फल वृक्षों में अन्तरवर्ती फसल का चयन, कस्टम हायरिंग केन्द्रों की भूमिका, कटहल वृक्ष में फल गिरने की समस्या, औषधि खेती जैसे - तुलसी, अवष्गंधा, कलौंजी, ग्वारगम आदि, सहजन के पौधों में फल गिरने की समस्या, समिति का गठन, जल संरक्षण की नवीन तकनीकें, जल उपयोगिता बढाने हेतु सुझाव आदि विचार व समस्यायें व्यक्त की, जिनका उपस्थित वैज्ञानिकों द्वारा समाधान किया गया। उपरोक्त समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए जे. के. कनौजिया, प्रमुख, कृषि विज्ञान केन्द्र, सेवनियाॅ, जिला सीहोर ने फल बगीचे में अन्तरवर्ती फसल प्रणाली, सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियाॅ, ड्रिप व स्प्रिंकलर, औषधीय खेती, सहजन फसल में बढावार हेतु उपाय, नींबू वर्गीय फसलों में बहार उपचार पर विस्तार से चर्चा की। अषोक कुमार मिश्रा, सहायक संचालक, उद्यान, जिला सीहोर ने कृषि की आय को बढाने के लिए उद्यानिकी फसलों का समावेष करने हेतु कृषकों को प्रेरित किया। जिसमें विषेषरूप से अमरूद बागवानी, आम बागवानी, संतरा बागवानी, सब्जी उत्पादन पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में अवनीष चर्तुवेदी, उप संचालक, कृषि ने कृषकों को शासन द्वारा किसानों के हित में संचालित योजनाओं की विस्तार से जानकारी भी दी एवं योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने हेतु किसानों को प्रेरित भी किया। संगोष्ठी कार्यक्रम के के दौरान कृषकों ने अपने अनुभवों को साझा किया, जिसमें मुख्य रूप से ड्रिप, स्प्रिंकलर पद्धति के लाभ, बागवानी फसलों का कृषि में समावेष, कृषि की नवीन तकनीकों को अपनाने से कृषि में लाभ, सब्जी उत्पादन से लगातार वर्ष भर आमदनी आदि पर अपने अनुभवों को बताया। कार्यक्रम में कृषकों ने संगोष्ठी में लगी प्रर्दषनियों के माध्यम से नवीन कृषि तकनीकी, कृषि विज्ञान केन्द्र, प्रक्षेत्र पर प्रदर्षित तकनीकों जैसे - आम, अमरूद, आॅवला, संतरा, पपीता, सीताफल बागवानी, लहसुन की उन्नत किस्म का प्रदर्षन, प्याज की उन्नत किस्मों का प्रदर्षन, सहजन पौध रोपण एवं उत्पादन तकनीक, जल संरक्षण की विधियाॅ, सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियाॅ, वर्मी कम्पोस्टिंग, नाडेप कम्पोस्टिंग, वर्मीवाष, उन्नत पषुषाला आदि की जानकारी भी प्राप्त की। कार्यक्रम का संचालन संदीप चैहान, वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केन्द्र, सेवनियाॅ, सीहोर द्वारा किया गया एवं अंत में आभार श्री आर. के. प्रजापति, परियोजना संचालक, आत्मा, सीहोर द्वारा व्यक्त किया गया।
दो दिवसीय रोजगार मेले में 191 विद्यार्थियों का चयन, दो दिवसीय केरियर अवसर मेले का समापन
चन्द्रशेखर आजाद शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सीहोर में आयोजित दो दिवसीय रोजगार मेले के दूसरे दिन विद्यार्थियों को रोजगार संबंधी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु मार्गदर्शन व व्याख्यान का आयोजन विषय-विशेषज्ञो द्वारा किया गया। मेले में कुल 658 (313 छात्राओं ने एवं 345 छात्रों) विद्यार्थियांे ने पंजीयन कराया। मेले के प्रथम दिन 102 एवं द्वितीय दिन 89 विद्यार्थियों का चयन किया गया। मेले में रोजगार संबंधी मार्गदर्शन का एक विशेष सत्र रखा गया, जिसमंे सर्वप्रथम जिला रोजगार अधिकारी श्री श्याम कुमार धुर्वे ने संघ लोक सेवा आयोग, म0प्र0राज्य सेवा आयोग, यू.जी.सी नेट एवं सी.एस.आई.आर.नेट द्वारा आयोजित परीक्षा की तैयारी हेतु रूपरेखा बनाकर लक्ष्य प्राप्ति पर विशष बल दिया। विद्यार्थियों मार्गदर्शन दिया कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी हेतु पाठ्यक्रम निर्धारित समयावधि में पूर्ण करके पूर्व वर्षो के प्रश्नोत्तर का गहन अध्ययन कर समय-सारणी अनुसार तैयारी करना चाहिए, जिससे विषय की गहनता व पाठ्यक्रम के महत्वपूर्ण विषयों के संबंध में जानकारी मिल जाती है। श्री धुर्वे ने एस.आई,ए.एस.आई, आई.ए.एस, सी.आर.पी.एफ, आई.पी.एस,फारेस्ट रेजर्स इत्यादि पदो की तैयारी के लिए अपने विचार व अनुभव विद्यार्थियों से साक्षात्कार किये। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु उत्कृष्ट प्रकाशन की पुस्तकें अध्ययन करने की सलाह दी। उन्हांेने साक्षात्कार में उम्मीदवार के व्यक्त्वि के सकारात्मक पहलू को सफलता के लिए सर्वोपरि बताया। जिला वाणिज्य उद्योग विभाग के प्रंबधक श्री अनिल वरसिया ने शासन द्वारा उद्योग लगाने हेतु ऋण संबंधी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। सबसे पहली योजना केन्द्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना जिसमंे 25 लाख से 10 लाख तक ऋण किसी भी उम्र के उम्मीदवार को उद्योग लगाने हेतु दिया जा सकता है। मध्यप्रदेश शासन द्वारा गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले व राशन कार्डधारी कोई भी व्यक्ति जिसकी उम्र 18 से 55 वर्ष के मध्य है। 50 लाख तक ऋण लेकर उद्योग शुरू कर सकता है। तीसरी योजना मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना जो किसी भी वर्ग के उम्मीदवार व महिलाए व दिव्यांगों के लिए है। इस योजना हेतु ऋण सीमा 50 हजार से 900999 तक है एवं आयु सीमा 18 से 40 वर्ष के बीच है। अंतिम योजना मुख्यमंत्री की महत्वाकाक्षी योजना मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना है जिसमें 10 लाख से 1 करोड़ देने का प्रावधान है। इस योजना अन्तर्गत उम्मीदवार को प्रोजेक्ट बनाकर आवेदन करना होता है। इन सभी योजना में अलग-अलग क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने के लिए अनुदान का प्रायोजन भी है। यदि उम्मीदार उचित प्रस्ताव व आवश्यक दस्तावेजो के साथ आवेदन करता है तो उसे तुरन्त ऋण स्वीकृत कर दिया जाता है। शासन द्वारा सभी योजनाओं के ऋण के आवेदन हेतु अलग-अलग विभाग अलग-अलग श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए बनाये गये है। ट्राईडेंड कम्पनी के प्रंबधक ने अपनी कम्पनी में आवेदन हेतु महत्वपूर्ण बिन्दुओं से अवगत कराया व पंजीयन कराने हेतु प्रोत्साहित किया। महाविद्यालय के प्रो.आई.ए.दुर्रानी ने अपने पे्ररक वक्तव्य में कहा कि कामयावी के लिए ज्ञान के सााथ ज्ञान का सही उपयोग ही सफलता की सीढ़ी है। मेहनत का न कोई विकल्प है और न ही होगा। हमें अपने उपर विश्वास कर जुनूनी बनकर लक्ष्य प्राप्ति की ओर अग्रसर होना चाहिए, व अपना नाम इतिहास के पन्नों पर अंकित हो, ऐसा कार्य करना चाहिए। कॅरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के संयोजन डाॅ.हुकुम सिंह मण्डलोई ने कहा कि भविष्य में हमारा प्रयास और भी बड़ी व विस्तृत कम्पनियों को आंमत्रित कर ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों को लाभान्वित करने का होगा। कार्यक्रम का संचालक डाॅ.भूपेन्द्र झा एवं आभार डाॅ.एच.एस.मण्डलोई ने व्यक्त किया।
महात्मा गांधी नरेगा से प्रत्येक ग्राम मे बनेगें, खेल मैदान तथा शांतिधाम उपयोजना के होगें कार्य
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डाॅ0 केदार सिंह ने समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को निर्देशित किया है कि महात्मा गांधी नरेगा के ग्रामीण क्रीडांगन उपयोजना से खेल मैदान तथा शांतिधाम उपयोजना से शमशान घाट का निर्माण प्रत्येक ग्राम मे कराने के लिए स्वीकृति एक सप्ताह मे जारी कर कार्य प्रांरभ कराये। जिले के 1016 ग्रामो मे से 624 ग्रामो मे खेल मैदान तथा 301 ग्रामो मे शांतिधाम उपयेाजना के कार्य किये जाने शेष है। डा. सिंह ने निर्देशित किया है कि ग्रामवार समीक्षा करते हुये कार्य शीघ्र प्रारंभ किये जावे।
5 एकड तक के वनाधिकार पट्टाधारियो को मिलेगा कपिलधारा कूप का लाभ
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डा0 केदार सिंह बताया की महात्मा गांधी नरेगा की कपिलधारा उपयोजना का लाभ 1 एकड से 2.5 एकड तक के असिंचित कृषि भूमि धारको को दिये जाने के निर्देश है। लेकिन वनाधिकार पट्टा धारी हितग्राहियो के लिए 2.5 एकड की सीमा बढाकर 5 एकड तक की गई है। 5 एकड तक के असिंचित कृषि भूमि वनाधिकार पट्टा धारियो को कपिलधारा उपयोजना का लाभ अनिवार्यता दिये जाने के निर्देश जारी किये गये है। उपयोजना से सर्वप्रथम विधवा अथवा परित्यकता महिला परिवार को लाभांवित किया जावेगा। उसके बाद अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति के परिवारो को तथा इनके बाद अन्य परिवारो को प्राथमिकता से लाभांवित किया जावेगा। कूप निर्माण के लिए 2.30 लाख की सहायता महात्मा गांधी नरेगा से कृषको को दी जावेगी। ग्राम रोजगार सहायक कृषको की भूमि पर निर्माण के लिए विभिन्न चरणो का निरीक्षण कर एफटीओ कराने के लिए मांग पत्र प्रस्तुत करने के लिए जिम्मेदार होगा। हितग्राही कूप निर्माण के लिए स्थल का चयन अपनी पसंद के अनुसार कर सकेगा तथा अपने कार्य के लिए मेट का कार्य भी स्वयं कर सकेगा। ग्राम का कोई भी अनुभवी व्यक्ति अथवा मिस्त्री हितग्राही के साथ मिलकर ले-आउट दे सकेगा तथा इसके लिए उपयंत्री अथवा किसी अन्य तकनीकी अधिकारी के लिए हितग्राही को भटकना नही पडेगा।
शासकीय महाविद्यालय शाहगंज के विद्यार्थियों का तीन सप्ताह का रोजगारोन्मुखी कम्प्यूटर प्रषिक्षण प्रांरभ
स्वामी विवेकानन्द कैरियर मार्गदर्षन योजना के तहत् शासकीय महाविद्यालय शाहगंज के विद्यार्थियों को तीन सप्ताह का रोजगारोन्मुखी कम्प्यूटर प्रषिक्षण गत दिवस प्रांरभ हुआ। महाविद्यालय में कम्प्यूटर लैब न होने के करण रोजगारोन्मुखी कम्प्यूटर प्रषिक्षण नर्मदा विजन आई टी एकेडमी शाहगंज में संचालित किया जा रहा है। प्रषिक्षण के उद्घाटन सत्र में कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य श्रीमती मन्जुलता यादव ने की। स्वामी विवेकानन्द कैरियर मार्गदर्षन योजना के प्रभारी डाॅ.सुनील कुमार गौतम द्वारा कार्यक्रम का संचालन किया गया। प्राचार्य श्रीमती मन्जुलता यादव ने अपने उद्वोधन में विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी कम्प्यूटर प्रषिक्षण से अधिक से अधिक लाभ लेने का आहवाहन किया। कार्यक्रम में नर्मदा विजन अकेडमी के संचालक श्री राजीव गौर, गणमान्य नागरिक एवं पत्रकारगण उपस्थित थे। अंत में आभार श्रीमती शोभा सिंह चैहान व्यक्त किया।
राष्ट्रीय पंचवर्षीय समीक्षा दल द्वारा दलहन अनुसंधान कार्यो का अवलोकन
भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान के अन्तर्गत आई.सी.ए.आर. द्वारा संचालित दलहन परियोजनाआंे चना, मसूर एवं अरहर के अन्तर्गत विगत 05 वर्षो में किये गये अनुसंधान कार्यो की समीक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर गठित पांच सदस्यों की समिति ने स्थानीय आर.ए.के.कृषि महाविद्यालय में भ्रमण किया। डाॅ. पी.एम. शालीमठ, कुलपति, यू.ए.एस., रायचुर की अध्यक्षता वाली इस टीम में कृषि अनुसंधान क्षेत्र के जाने-माने वैज्ञानिक डाॅ. के.वी.वजारी अकोला, डाॅ. आर.पी.दुुआ, डाॅ. एस.एस.तोमर, जबलपुर एवं डाॅ. सरोडे़, अकोला डाॅ. एन.पी.सिंह, निदेषक दलहन एवं डाॅ. जी.पी.दीक्षित, प्रोजेक्ट कोआर्डीनेटर, (चना) के साथ चना अनुसंधान केन्द्र के अन्तर्गत सीहोर अनुसंधान केन्द्र द्वारा विगत पांच वर्षो मेें अनुमोदित जातियों आर.व्ही.जी. 201, 202 एवं 203 तथा आने वाले समय के लिए विकसित की जा रही अन्य चना लाइनों का निरीक्षण डाॅ. मोहम्मद यासीन, प्रमुख वैज्ञानिक के प्रक्षेत्र में किया। साथ ही मृदा सूक्ष्म विज्ञान के अन्तर्गत डाॅ. एस.सी.गुप्ता द्वारा चना उत्पादन बढ़ाने हेतु विकसित जैव उर्वरक एवं मौलिब्डिनम निवेषन तकनीक द्वारा उन्नत चना वृद्धि के प्रयोग देखे तथा तकनीक को सराहा।डाॅ. डी.आर.सक्सेना, परियेाजना प्रमुखचना द्वारा चने की उक्टा एवं अन्य रोगों के प्रति प्रतिरोधकता दर्षाने वाली जातियों के लिए रोग ग्रसित प्रक्षेत्र का भ्रमण कराकर जानकारी दी गई। डाॅ. संदीप षर्मा द्वारा चने में कीट प्रबंधन एवं डाॅ. आर.पी.सिंह द्वारा चना एवं मसूर की उत्पादन तकनीकों के प्रयोगों का अवलोकन भ्रमण दल को कराया। डाॅ. मुकेष सक्सेना एवं डाॅ. अषोक सक्सेना द्वारा मसूर की उन्नत जातियों के विकास पर चल रहे प्रयोगों का भ्रमण कराया। डाॅ. ए.एन.टिकले एवं ए.के.चैधरी द्वारा अरहर की उन्नत तकनीकों के विकास पर भ्रमण दल को अवगत कराया। भ्रमण दल ने महाविद्यालय के अनुसंधान केन्द्र पर चल रहे विभिन्न दलहन कार्यक्रमों की सराहना करते हुए भविष्य के अनुसंधान कार्यो के लिए मार्गदर्षन दिये। इस अवसर पर महाविद्यालय की अधिष्ठाता डाॅ. एस.बी.ताम्बी पूर्व अधिष्ठाता डाॅ. वीरेन्द्र सिंह गौतम, प्रियंका जोषी, पी.जी.रिसर्च के सभी विद्यार्थी महाविद्यालय का फील्ड स्टाफ श्री एम.एल.पारे, आर.सी.भल्लावी, के.पी.सिंह, रूपसिंह खेड़े, एन.पी.माण्डवी, कमलसिह ठाकुर एवं अन्य शासकीय सेवक भी उपस्थित थे।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें