सी एम श्री कुमार ने कहा कि सर्वविदित है कि कफन में पॅाकेट नहीं होती है। तब आप संग्रहित राशि नहीं ले जा सकते हैं। सी एम साहब राज्यकर्मियों को 5 माह से वेतन नहीं मिल रहा है। यह स्थिति स्वास्थ्य विभाग में है। खासकर महिला कर्मियों के साथ होता है। अब आप खुद ही सी एम समझे। अगर कर्मियों को वेतन नहीं मिले तो बढती मँहगाई में खाना दाना कैसे चलेगा? जो कर्मियों ने बैंकों से लाॅन ले रखा है। सभी बेहद परेशान हैं । हरदम मोबाइल से बैंक वाले फोन करने लगते हैं और राशि जल्द से जल्द देने की माँग करते हैं । वहीं विघुत विभाग भी पीछे नहीं बिजली बिल जमा करने का आदेश और बिजली लाइन काट देने की धमकी देते हैं । किसी को 9 तो किसी को 5 माह से वेतन से महरूम होना पड रहा है। इस ओर कहां जा रहा है आवंटन नहीं आया है। इस संर्दभ में सिविल कार्यालय पटना का कहना है कि आवंटन प्राइमरी हेल्थ सेंटर को प्रेषित है। परेशान कर्मियों का कहना है कि प्राइमरी हेल्थ सेंटर में गिद्ध बहाल हैं जो इंतजार में हैं नाजायज राशि बटोरने में । अभी तक 500 रू0 प्रत्येक कर्मियों से बटोरने में असफल है तभी आवंटित राशि के बारे में खुलासा नहीं कर रहे हैं । आवंटित राशि के घनचक्कर परिवार के लोग पीसा रहे हैं। परिवार के लोगों को भोजन जुटाना मुश्किल हो चला है।दूध में कटौती जरी है। बच्चों की फीस बढ़ती जा रही है। इस ओर आप मुख्यमंत्री खुद ही संज्ञान लें । ऐसे लोगों पर लगाम लगाएं जो वेतन देने में अवरोधक बन गये हैं और नाजायज राशि ऐंठकर आपस में बन्दर बाँट करते हैं । अब तो मांग उठने लगी है सरकार नियमित वेतन दें । ऐसे करने में अक्षम हो तो मनरेगा में कार्यरत कर्मियों की तरह विलंम मजदूरी के रूप में हर्जाना मिले। अगर वेतन देने का आदेश और वेतन बनाने वाले कौताही बरतते हैं तो उनके वेतन में कटौती कर दंडित करें ।
शुक्रवार, 17 फ़रवरी 2017
राज्यकर्मियो को सातवाँ वेतनमान मिलने वाला है, खुब जमकर कार्य करें : नीतीश कुमार
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