फर्जी वेबसाइटों को आधार से जुुड़ी जानकारी न दें : यूआईडीएआई - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

शनिवार, 4 फ़रवरी 2017

फर्जी वेबसाइटों को आधार से जुुड़ी जानकारी न दें : यूआईडीएआई

नयी दिल्ली 03 फरवरी, जनता से पैसा लेकर आधार संबंधी सेवाएँ प्रदान करने का दावा करने वाली अनाधिकृत वेबसाइटों और एजेंसियों के खिलाफ भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने कार्रवाई करते हुये आम लोगों से फर्जी वेबसाइटों को किसी तरह की जानकारी नहीं देने की अपील की है। यूआईडीएआई ने कहा है कि आधार संबंधी समस्त सेवाएँ केवल यूआईडीएआई की वेबसाइट पर ही उपलब्ध हैं। इसके अलावा आधार नाम से संबंधित कोई भी वेबसाइट और मोबाइल एप्लिकेशन फर्जी है। उसने सुझाव दिया है कि यदि किसी व्यक्ति का आधार कार्ड खो जाता है तो वह उसे यूआईडीएआई की अधिकृत वेबसाइट से नि:शुल्क डाउनलोड कर सकता है। उल्लेखनीय है कि ये फर्जी एजेंसियाँ मोबाइल एप्लिकेशन के जरिये आधार कार्ड से संबंधित सेवाएँ प्रदान करने का दावा करती हैं। यूआईडीएआई ने सख्त कार्रवाई करते हुये गूगल प्लेस्टोर पर उपलब्ध 12 वेबसाइटों और 12 मोबाइल एप्लिकेशन को बंद करवा दिया है और आदेश जारी किया है कि ऐसी 26 और फर्जी वेबसाइटों को फौरन बंद किया जाये। प्राधिकरण के संज्ञान में यह बात आई है कि गूगल प्लेस्टोर के जरिये कई फर्जी वेबसाइटें और मोबाइल एप्लिकेशन ऑनलाइन आधार कार्ड डाउनलोड करने, आधार कार्ड बनवाने, पीवीसी आधार कार्ड इत्यादि सेवाएँ देने का दावा करते हैं। इस तरह वे गैर-कानूनी तौर पर लोगों से आधार नम्बर और उनका ब्यौरा हासिल करते हैं। यूआईडीएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अजय भूषण पांडे ने बताया है कि यूआईडीएआई ने मोबाइल एप्लिकेशन या वेबसाइट के मालिकों को आधार कार्ड से संबंधित किसी भी सेवा के लिए अधिकृत नहीं किया है। उन्होंने कहा कि आधार संबंधी हर प्रकार की सूचना केवल आधार अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के तहत प्राप्त की जा सकती है। इसका उल्लंघन करने पर आधार अधिनियम की धारा 38 और खंड 7 के तहत दंड का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि अधिनियम में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कोई भी ऐसा व्यक्ति जिसे प्राधिकरण ने अधिकृत नहीं किया है, जानबूझ कर केंद्रीय पहचान आँकड़े प्राप्त करने की कोशिश करता है तो वह दंड का भागी होगा। श्री पांडे ने कहा कि अनाधिकृत वेबसाइट और मोबाइल एप्लिकेशन प्रदाता गैर-कानूनी रूप से आधार का ‘लोगो’ इस्तेमाल कर रहे हैं जो आधार अधिनियम और कॉपीराइट अधिनियम का उल्लंघन है। इन वेबसाइटों और मोबाइल एप्लिकेशन प्रदाताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने लोगों को सचेत किया कि वे इन वेबसाइटों के झाँसे में न/न आयें और किसी को भी अपनी जानकारी न/न दें।

कोई टिप्पणी नहीं: