पटना 05 फरवरी, बिहार की मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) ने आज कहा कि भाजपा शासित प्रदेशों में जहां उपज के 70 प्रतिशत तक धान की खरीद हुई है वहीं राज्य में मात्र एक प्रतिशत की खरीद करने में भी महागठबंधन की सरकार विफल रही है। भाजपा विधान मंडल दल के नेता एवं पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने यहां कहा कि भाजपा शासित राज्यों में जहां उपज के 70 प्रतिशत तक धान की खरीद की गयी है वहीं राज्य में मात्र एक प्रतिशत खरीद करने में भी राज्य सरकार अब तक विफल साबित हुयी है । उन्होंने कहा कि न तो बिहार सरकार ने किसानों को बोनस दिया और न ही प्राथमिक कृषि साख समिति(पैक्सों )को खरीद के लिए पैसा दिया है । श्री मोदी ने कहा कि इसी तरह न धान सुखाने के लिए क्रय केन्द्रों पर ड्रायर मशीन लगाई गयी , न पैक्सों के साथ मिलों की टैंगिग की गयी और न ही राज्य खाद्य निगम ने चावल क्रय केन्द्र ही खोला जिसके कारण राज्य के अधिकांश किसान औने-पौने दाम पर बिचैलियों को अपनी उपज बेचने के लिए विवश हैं। धान खरीद में व्याप्त अराजकता को लेकर भाजपा कल 06 फरवरी को बिहार में धरना देकर अपना विरोध जतायेगी।
पूर्व उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को यह बताना चाहिए कि डेढ़ लाख से ज्यादा किसानों के निबंधन के आवेदन को क्यों रद्द किया गया। उन्होंने कहा कि ढाई माह बाद भी 3.20 लाख निबंधित किसानों से मात्र 3.80 लाख मेट्रिक टन धान की खरीद ही क्यों हुई है। श्री मोदी ने कहा कि इनमें से भी मात्र 35 हजार मेट्रिक टन की ही कुटाई के लिए क्यों भेजा गया । मात्र 16 हजार मेट्रिक टन चावल ही जमा हो पाया है। उन्होंने कहा कि धान कुटने के लिए मिलर तैयार क्यों नहीं हैं यह भी सरकार को बताना चाहिए । पूर्व उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रति क्विंटल चावल के लिए केन्द्र सरकार द्वारा तय 2543.91 रुपये की जगह पैक्सों को 168 रुपये की कटौती कर 2376 रुपये तथा बोरे के लिए निर्धारित 41 रुपये की जगह मात्र 15 रुपये और दो माह की जगह एक माह का ब्याज दिया जा रहा है। प्रति क्विंटल चावल पर 168 रुपये की कटौती से पैक्सों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है, यदि यही स्थिति रही तो भविष्य में कोई भी पैक्स धान की खरीद नहीं कर पायेगा ।

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