नयी दिल्ली, 06 फरवरी, उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार को देश के 100 करोड़ से अधिक मोबाइल फोन उपयोगकर्ताओं का विस्तृत ब्योरा दर्ज करने के लिए कहा है, मुख्य न्यायाधीश जगदीश सिंह केहर की अध्यक्षता वाली पीठ ने आज गैर सरकारी संगठन लोकनीति फाउंडेशन की आेर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार से सभी माेबाइल फोन धारकों का ब्योरा दर्ज करने को कहा। फाउंडेशन ने मोबाइल फोन धारकों द्वारा सिम लेने के दौरान दी गयी जानकारी की सत्यता सुनिश्चित करने के लिए समुचित तंत्र विकसित करने का अनुरोध किया था ताकि सिम का दुरुपयोग रोका जा सके। न्यायालय ने केेंद्र सरकार को निर्देश दिया कि एक वर्ष के भीतर सभी मोबाइल फोन धारकों का आधार नंबर उनके फोन नंबर के साथ दर्ज करे। पीठ ने कहा, “आपको हमें बताना चाहिए कि मोबाइल धारकों की पहचान तय करने के लिए आप कैसा तंत्र विकसित करने जा रहे हैं।” न्यायालय ने कहा कि अब मोबाइल फोन का इस्तेमाल बैंकिंग के लिए भी किया जा रहा है लिहाजा उपयोगकर्ताओं द्वारा दी गयी जानकारी की सत्यता का पता लगाना महत्वपूर्ण हो गया है। फाउंडेशन ने अपनी याचिका में कहा कि मोबाइल फोन के लिए प्रस्तुत किये गये दस्तावेजों के सत्यापन की कमी से देश को गंभीर खतरा हो सकता है। याचिकाकर्ता ने सत्यापन सुनिश्चित करने के लिए कुछ सुझाव भी दिए। फाउंडेशन ने न्यायालय से दूरसंचार विभाग और दूरसंचार नियामक प्राधिकरण को यह निर्देश देने की गुहार लगायी कि वे सभी मोबाइल फोन धारकों के दस्तावेजों को शत प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित करें ।
सोमवार, 6 फ़रवरी 2017
मोबाइल फोन उपयोगकर्ताओं का ब्योरा दर्ज करे सरकार: सुप्रीम कोर्ट
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