बजट सत्र के दूसरे चरण में पेश होगा जीएसटी विधेयक - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

शुक्रवार, 3 फ़रवरी 2017

बजट सत्र के दूसरे चरण में पेश होगा जीएसटी विधेयक

gst-bill-would-be-introduced-in-the-second-half-of-budget-session
नयी दिल्ली 03 फरवरी, एक देश-एक कर और एक बाजार की आवधारणा पर आधारित वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक बजट सत्र के दूसरे चरण में संसद में पेश किया जायेगा। लेकिन, इसके लागू होने पर वस्तुआें एवं सेवाओं के सस्ते होने की संभावना नहीं दिख रही है क्याेंकि वर्तमान में लग रहे कर एवं शुल्कों को जोड़कर जीएसटी की दर तय की जायेगी। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज यहाँ उद्योग संगठन फिक्की, सीआईआई, एसोचैम, पीएचडी चैंबर और इंडियन चैंबर ऑफ काॅमर्स (आईसीसी) के साथ बजट बाद परिचर्चा में कहा कि जीएसटी से जुड़े कानूनों को लेकर कई मुद्दे थे जिनका समाधान हो चुका है। जीएसटी कानून के प्रारूप को अंतिम रूप दिया जा चुका है और अब सिर्फ उसे कानूनी भाषा के अनुरूप बनाया जा रहा है। बजट सत्र के पहले चरण के बाद जीएसटी परिषद् की बैठक में प्रारूप को अंतिम रूप दिया जायेगा। राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने कहा कि जीएसटी दर के चार स्लैब बनाये गये हैं। कुछ वस्तुयें जीएसटी की दर से बाहर रहेंगी। लेकिन अभी जिन वस्तुओं या सेवाओं पर वैट या सेवा कर के साथ दूसरे शुल्क लग रहे हैं उसमें कमी किये जाने की संभावना नहीं है। इनको जोड़कर ही जीएसटी की दर निर्धारित की जायेगी। श्री जेटली ने कहा कि अप्रत्यक्ष कर तंत्र को तर्कसंगत बनाने की प्रक्रिया जारी है।


कोई टिप्पणी नहीं: