नयी दिल्ली, 03 फरवरी, उच्चतम न्यायालय ने मेडिकल,इंजीनियरिंग आदि की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले कोचिंग संस्थानों के नियमन के लिए केंद्र सरकार को दिशानिर्देश तैयार करने को कहा है। न्यायालय ने देश में कुकुरमुत्तों की तरह देश में खुल रहे कोचिंग संस्थानों पर आज चिंता जताते हुए केंद्र सरकार को कहा कि वह इन संस्थानों के नियमन के लिए दिशानिर्देश तैयार करे। न्यायालय ने कहा कि ऐसे निजी कोचिंग संस्थानों पर रोक तो नहीं लगायी जा सकती, लेकिन शिक्षा के व्यावसायीकरण पर रोक के लिए इनका नियमन आवश्यक है। याचिकाकर्ता ने निजी कोचिंग संस्थानों को रेगुलेट करने की मांग की थी। शीर्ष अदालत ने कहा, “मेडिकल और इंजीनियरिग प्रवेश परीक्षाओं के कोचिंग देने वाले संस्थानों के नियमन के लिए सरकार दिशानिर्देश तैयार करे। इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए सिर्फ प्रवेश परीक्षाओं में हासिल किये गए अंकों को आधार नही बनाया जाना चाहिये, बल्कि 40 फीसदी वरीयता स्कूलों के परीक्षाफल को भी दिया जाना चाहिये।” हालांकि न्यायालय ने इस पर निर्णय लेने का जिम्मा सरकार पर छोड़ दिया है।
शुक्रवार, 3 फ़रवरी 2017
निजी कोचिंग संस्थानों के नियमन के लिए गाइडलाइन बने
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