रांची 16 फरवरी, केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि झारखंड में राष्ट्रीय औसत से चार से पांच प्रतिशत ज्यादा विकास करने की क्षमता है लेकिन इसके लिये एक स्पष्ट नीति के साथ ही उद्योग प्रोत्साहित करने वाली सरकार भी होनी चाहिये। श्री जेटली ने आज यहां होटवार स्पोर्ट्स कम्पलेक्स में प्रथम झारखंड वैश्विक निवेश सम्मेलन का उदघाटन करते हुये कहा कि झारखंड अभी सिर्फ राष्ट्रीय औसत से एक प्रतिशत अधिक की दर से विकास कर रहा है। यह दर चार से पांच प्रतिशत अधिक हो सकती है और इसके लिये भ्रष्टाचार तथा लालफीताशाही को समाप्त करने की क्षमता रखने वाली सरकार भी होनी चाहिये। उन्होंने कहा कि केन्द्र की सरकार पूरी तरह से झारखंड के साथ खड़ी है और केन्द्र प्रायोजित योजनाओं में अत्यधिक निवेश करेगी। वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री रघुवर दास की प्रशंसा करते हुये कहा कि श्री दास के भाषण से उनके अंदर मौजूदा इतिहास बदलने की क्षमता दिखाई पड़ती है। उन्होंने कहा कि आज से 105 वर्ष पहले टाटा समूह ने जमशेदपुर में इस्पात संयंत्र की स्थापना की थी। जमेशदपुर देश के पहले व्यवस्थित शहर के रूप में विकसित हुआ और यही मॉडल बाद में चंडीगढ, गांधीनगर और न्यू रायपुर ने अपनाया। जब भारत ने 1928 में ऑलंपिक में स्वर्ण पदक जीता तो उस हॉकी टीम के कप्तान झारखंड के सुपुत्र जयपाल सिंह मुंडा थे । श्री जेटली ने कहा कि झारखंड में कुछ निवेश खनिज सम्पदा की वजह से होता रहा है लेकिन इसकी पूर्ण क्षमता का इस्तेमाल पूर्ववर्ती सरकारों की गलत नीतियों की वजह से नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि पहले चुनाव जीतना सिर्फ एक सामाजिक इंजीनियरिंग का काम था जो अब बदलकर विकास की राजनीति हो गया है। उन्होंने कहा कि अलग झारखंड राज्य बनने के बाद लोगों ने सोचा था कि झारखंड तेजी से प्रगति करेगा लेकिन राजनीतिक अस्थिरता और भ्रष्टाचार के कारण राज्य अपेक्षित परिणाम को प्राप्त नहीं कर पाया। अस्थिरता के माहौल में उद्योगपति भी पैसा लगाना नहीं चाहते है । वित्त मंत्री ने कहा कि झारखंड में अब एक स्थिर सरकार है जिसने आर्थिक विकास को अपना मुख्य लक्ष्य बनाया है और यहां उद्योगपतियों के लिये अनुकूल माहौल है। उन्होंने कहा कि झारखंड में विनिर्माण क्षेत्र का योगदान सेवा क्षेत्र से अधिक है इसलिये सेवा क्षेत्र में भी निवेश की प्रचूर संभावना मौजूद है। उन्होंने कहा कि परंपरागत तौर पर देश के पूर्वी क्षेत्र में पश्चिमी क्षेत्र के मुकाबले कम विकास हुआ है। पूर्वी क्षेत्र प्राकृतिक और खनिज सम्पदा से परिपूर्ण है और इस क्षेत्र में विकास की अनंत संभावनायें है
गुरुवार, 16 फ़रवरी 2017
झारखंड में विकास करने की अपार क्षमता : जेटली
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