नयी दिल्ली 17 फरवरी, वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज कहा कि 500 और एक हजार रुपये के पुराने नोटों का प्रचलन बंद किये जाने के कुछ ही सप्ताह के भीतर स्थिति सामान्य हो गयी है और अब बाजार में नोटों की कमी नहीं है। श्री जेटली ने नोटों का मुद्रण करने वाली कंपनी सेक्युरिटी प्रिंटिंग एवं मिंटिंग काॅर्पोरेशन ऑफ इंडिया के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि सरकार ने प्रचलन के 86 प्रतिशत मुद्राओं का चलन बंद करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया था और नोट मुद्रण करने वाली इकाइयों और रिजर्व बैंक के बैंक नोट प्रेसों ने नये नोटों की आपूर्ति के लिए कड़ी मेहनत की है। उन्होंने नोटबंदी काे दुनिया का सबसे बड़ा ‘नोट बदलो अभियान’ बताते हुये कहा कि इसका उद्देश्य भ्रष्टाचार, कालेधन और नकली नोटों के प्रचलन पर रोक लगाना था। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद स्थिति के सामान्य होने में एक साल या कम से कम सात महीने लगने की बात कही जा रही थी, लेकिन कुछ सप्ताह के भीतर ही इस काम को पूरा कर लिया गया है। अब बैंक नोटों की कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी का काम बगैर किसी दुर्घटना का पूरा हुआ है। पूरे देश में कहीं से भी एक भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है और इसका श्रेय रिजर्व बैंक के बैंक नोट प्रेसों और एसपीएमसीआईएल को जाता है जो नये नोटों की छपाई एवं आपूर्ति में रात-दिन लगे रहे। इस मौके पर उन्होंने एसपीएमसीआईएल के कर्मचारियों को पुरस्कृत भी किया।
शुक्रवार, 17 फ़रवरी 2017
नोटों की कमी नहीं : जेटली
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