संप्रग सरकार की तुलना में बिहार को रेल प्रक्षेत्र में दोगुने से ज्यादा रुपये दिये : सुशील - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 4 फ़रवरी 2017

संप्रग सरकार की तुलना में बिहार को रेल प्रक्षेत्र में दोगुने से ज्यादा रुपये दिये : सुशील

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पटना 04 फरवरी, बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधानमंडल दल के नेता सुशील कुमार मोदी ने आज कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली केन्द्र की पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंध (संप्रग) सरकार के आखिरी पांच साल में रेल प्रक्षेत्र में बिहार को प्रतिवर्ष औसतन 1,132 करोड़ रुपये मिले जबकि श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने पिछले तीन वर्षों में संप्रग सरकार की तुलना में दोगुना से भी ज्यादा औसतन 2,227 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष बिहार को दिया है। श्री मोदी ने यहां कहा कि इस साल अभी तक की सबसे बड़ी राशि 3,696 करोड़ बिहार को दी गई है । राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव समेत संप्रग सरकार के अन्य रेलमंत्रियों ने राशि की व्यवस्था किए बिना बिहार के लिए करीब 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाएं घोषित कर दी थी, जिसे वर्तमान सरकार एक-एक कर पूरा कर रही है। भाजपा नेता ने कहा कि पटना और मुंगेर में गंगा नदी पर रेल पुल का निर्माण तो मोदी सरकार ने पूरा कर चालू भी करा दिया लेकिन राज्य सरकार के सम्पर्क पथ नहीं बनाने के कारण सड़क पुल अब तक चालू नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल में रेलवे को जर्सी गाय समझ कर दूहते रहने वाले श्री यादव और संप्रग सरकार द्वारा वर्ष 2007-08 में घोषित कर छोड़ दिए गए मधेपुरा और मढ़ौरा में डीजल तथा बिजली रेल इंजन कारखानों का निर्माण अमेरिकी कम्पनी जीई और फ्रांस की अलस्टॉम के जरिए करीब 40 हजार करोड़ रुपये का निवेश करा कर वर्तमान मोदी सरकार करा रही है। श्री मोदी ने कहा कि सामान्य बजट में विलय के बाद एक लाख 31 हजार करोड़ रुपये का अब तक का सबसे बड़ा रेल बजट केवल विकास और निर्माण पर केन्द्रित है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा एक लाख करोड़ रुपये के रेल सुरक्षा कोष के गठन से यात्री सुरक्षा के मुकम्मल उपाय किए जायेंगे जिससे रेल यात्रा सुरक्षित और निरापद होगी। भाजपा नेता ने कहा कि बिहार में रेल प्रक्षेत्र के विकास और सशक्तीकरण के लिए संप्रग सरकार की तुलना में विगत तीन वर्षों में औसतन दोगुना से ज्यादा और इस साल सर्वाधिक 3,696 करोड़ रुपये यानी पिछले साल से भी 552 करोड़ रुपये अधिक देने के लिए प्रधानमंत्री वाकई बधाई के पात्र हैं। 

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