नयी दिल्ली 17 फरवरी, उच्चतम न्यायालय ने बलात्कार एवं यौन उत्पीड़न के एक मामले में उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और समाजवादी पार्टी (सपा) के उम्मीदवार गायत्री प्रजापति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आज आदेश दिया। शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश पुलिस को आदेश दिया कि वह प्रजापति के खिलाफ सामूहिक बलात्कार,छेड़छाड़ और महिलाओं के शोषण को लेकर मुकदमा दर्ज करे और आठ सप्ताह के भीतर स्थिति रिपोर्ट पेश करे। उत्तर प्रदेश में जारी विधानसभा चुनावों के दौरान न्यायालय के इस आदेश से सपा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रजापति इस समय अखिलेश कैबिनेट में परिवहन मंत्री हैं। पैंतीस वर्षीया पीड़ित महिला ने प्रजापति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज न होने पर शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था। उसका कहना था कि उसके साथ सामूहिक बलात्कार हुआ और उसकी बेटी का भी यौन उत्पीड़न किया गया। पीडि़त महिला ने शिकायत में कहा था कि वह प्रजापति से करीब तीन साल पहले मिली थी। महिला का आरोप है कि मंत्री ने उसकी चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर बेहोशी की हालत में उसके साथ बलात्कार किया था। महिला ने घटना की तस्वीरें लेने का भी आरोप लगाया। महिला का कहना है कि प्रजापति और उसके साथियों ने कई बार उसका सामूहिक बलात्कार किया। प्रजापति प्रदेश में अवैध खनन के आरोपों से भी घिरे हैं।
शुक्रवार, 17 फ़रवरी 2017
बलात्कार मामले में प्रजापति के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो: सुप्रीम कोर्ट
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