भोपाल 16 फरवरी, मध्यप्रदेश में जीवनदायनी नर्मदा नदी को स्वच्छ बनाये रखने के लिए चलायी जा रही ''नमामि देवि नर्मदे''-सेवा यात्रा में एक 7 वर्षीय बालिका नाजनीन खान ने अपने सिर पर कलश लेकर सेवा यात्रा के साथ चलने की इच्छा को नही पूरा किया बल्कि सर्वधम समभाव की प्रतीत बनी। नर्मदा नदी को स्वच्छ रखने के उदेश्य से चल रही नर्मदा यात्रा अपने मूल उद्देश्यों में न केवल सफल हो रही, बल्कि यह यात्रा सर्वधर्म समभाव का प्रतीक बन गयी है। यात्रा शुरू होने के 68वें दिन आज बड़वानी जिले के ग्राम गोलाटा की पहुंची गई। सेवा यात्रा नर्मदा नदी को सदा निर्मल एवं गतिमान बनाये रखने का कार्य धर्म, वर्ग, जाति से उपर है। बड़वानी जिले के ग्राम गोलाटा में ''नमामि देवी नर्मदे''-सेवा यात्रा के साथ चल रहे श्रद्धालु उस वक्त आश्चर्य में पड़ गये जब उन्होंने अपने स्वागत एवं सत्कार के लिये ग्रामीणों द्वारा दिये गये फल एवं मिठाई को एक छोटी बच्ची को देकर चुप करवाने का प्रयास किया और बच्ची ने उसे लेने से इंकार कर दिया। कारण जानने पर ज्ञात हुआ कि बच्ची का नाम नाजनीन खान है और वह अपने घर से कलश लेकर श्रद्धालुओ के स्वागत के लिए आई थी।
गुरुवार, 16 फ़रवरी 2017
सर्वधर्म समभाव का प्रतीक बनी नर्मदा सेवा यात्रा
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