म्यांमार एसएएसईसी में शामिल, हर वर्ष दो करोड़ रोजगार के अवसर सृजित करने पर जोर - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 4 अप्रैल 2017

म्यांमार एसएएसईसी में शामिल, हर वर्ष दो करोड़ रोजगार के अवसर सृजित करने पर जोर

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नयी दिल्ली 03 अप्रैल, दक्षिण एशिया उपक्षेत्रीय आर्थिक सहयोग (एसएएसईसी) कार्यक्रम में म्यांमार नये सदस्य के रूप में आज शामिल हो गया और सदस्य देशों ने वर्ष 2025 तक का एक रोडमैप जारी किया है जिसमें कहा गया है कि आपसी आर्थिक सहयोग से हर वर्ष 70 अरब डॉलर का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) बढ़ने के साथ ही दो करोड़ लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के इस कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 2001 में की गयी थी और उस समय बंगलादेश, भूटान, भारत और नेपाल इसके सदस्य थे। लेकिन, अब तक इसमें मालदीव और श्रीलंका भी जुड़ चुके हैं। इस वर्ष इसमें म्यांमार शामिल हुआ है। वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में यहां हुयी एसएएसईसी की बैठक में मंत्री स्तर पर संयुक्त बयान जारी किया गया जिसमें कहा गया है कि उपक्षेत्रीय सहयोग से इस क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों, उद्योग और इंफ्रास्ट्रक्चर की क्षमताआें का हाल के वर्षाें में दोहन किया गया है। इसमें कहा गया है कि प्राकृतिक संसाधन आधारित उद्योगों के जरिये इस क्षेत्र की औद्योगिक मांग की पूर्ति करने के साथ ही उद्योग से उद्योग को जोड़ने के लिए क्षेत्रीय सर्वद्धन नेटवर्क बनाया जायेगा और प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ायी जायेगी। सदस्य देशों में कनेक्टिविटी बढ़ाने के साथ ही आपस में भी कनेक्टिविटी बढ़ायी जायेगी ताकि आर्थिक गतिविधियों में सुधार होने के साथ व्यापार और कारोबार में भी बढोतरी हो सके। सदस्य देशों ने समान धराेहर एवं सांस्कृतिक संबंधों में लोगोें में मेजलोज बढ़ाकर सुधार करने के साथ ही वैश्विक बाजार में इस क्षेत्र की पहुंच बढ़ाने पर जाेर दिया है। इसमें कहा गया है कि सदस्यों के बीच बेहतर तालमेल से इस कार्यक्रम में शामिल देशों के जीडीपी में वर्ष 2025 तक सलाना 70 अरब डॉलर की बढोतरी होगी और दो करोड़ लोगोें को रोजगार मिलेगा।

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