बिहार : माले ने किया मुजफ्फरपुर के धरमपुर का दौरा, कहा - सत्ता के नशे में चूर है भाजपा-जदयू. - Live Aaryaavart

Breaking

मंगलवार, 27 फ़रवरी 2018

बिहार : माले ने किया मुजफ्फरपुर के धरमपुर का दौरा, कहा - सत्ता के नशे में चूर है भाजपा-जदयू.

  1. आइसा-इनौस के बैनर से होगा राज्यव्यापी प्रतिवाद.

cpi-ml-visit-muzaffarpur-blame-government
पटना 27 फरवरी 2018, भाकपा-माले विधायक दल के नेता महबूब आलम, पार्टी की बिहार राज्य कमिटी के सदस्य उमेश कुमार तथा मुजफ्फरपुर पार्टी के जिला सचिव कृष्णमोहन के नेतृत्व में एक राज्यस्तरीय जांच टीम ने आज मुजफ्फरपुर के धरमपुर गांव का दौरा किया, जहां पिछले शनिवार को सत्ता व शराब के नशे में चूर भाजपा के राज्यस्तरीय नेता के बोलेरो से रौंदे जाने के कारण 9 बच्चों की मौत हो गई तथा कई बच्चे बुरी तरह जख्मी हो गए थे. जांच टीम ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की. विधायक महबूब आलम ने कहा कि हादसे के उपरांत सरकार व जिला प्रशासन की हद दर्जे की संवेदनहीनता सामने आ रही है. घायलों का न तो मुआवजा मिला है और न ही उनका समुचित इलाज हो रहा है. इस प्रश्न को मजबूती से विधानसभा के अंदर उठाया जाएगा और बच्चों के प्रति भाजपा-जदयू की संवेदनहीनता को उजागर किया जाएगा. जांच टीम ने कहा है कि इसके पहले भी धरमपुर में इस तरह की घटना घट चुकी है. आज से देढ़ साल पहले पवन सहनी के बेटे की उसी जगह पर गाड़ी के धक्के की वजह से मौत हो गई थी. उसके बाद ग्रामीणों की लगातार मांग रही है कि गांव के पूर्वी भाग में स्कूल का निर्माण करवाया जाए, ताकि बच्चों को एनएच पार नहीं करना पड़े. लेकिन शराबबंदी के नाम पर बच्चों को लाइन में लगाने वाली नीतीश सरकार ने उनकी इस मांग को अनसुनी कर दिया. यही वजह है कि बच्चों का जीवन पूरी तरह असुरक्षित है. इतना ही नहीं, जांच टीम ने यह भी पाया कि एनएच की तुलना में स्कूल काफी गड्ढे में है और बच्चों को पूरी मशक्कत करनी पड़ती है और उनका जीवन पूरी तरह असुरक्षित है.

जांच टीम ने कहा कि हादसा इतना जबरदस्त था कि बच्चों का शव पेड़ पर लटका पाया गया. इसके पूर्व भाजपा नेता ने एक महिला शकीना खातून को भी ठोकर मार दी थी. हादसे के उपरांत आज तक कोई आला अधिकारी या सरकार का प्रतिनिधि घटनास्थल पर नहीं पहंुचा है. ग्रामीण सरतार अंसारी ने बताया कि घायल बच्चों के प्रति तो प्रशासन का रवैया बिलकुल संवेदनहीन है. घायल चांदनी के इलाज हेतु 30 हजार का कर्ज लिया गया. उसका फिलहाल पीएमसीएच में इलाज हो रहा है, जबकि सरकार की ओर से कोई सहायता नहीं मिल रही है. लोकल स्तर पर भी सीटी स्कैन में उन्हें 2200 रु. खर्च करना पड़ा था. जांच टीम ने मांग की है कि स्कूल के पूर्वी भाग में सरकार को तत्काल विद्यालय खोलना चाहिए. और जब तक स्कूल नहीं खुलता, उस स्थान पर ट्रैफिक/ठोकर की व्यवस्था की जाए. मृतक छात्रों के परिजनों को 10 लाख व घायल परिजनों को 2 लाख का तत्काल मुआवजा व समुचित इलाज का प्रबंध किया जाए. इस दर्दनाक हादसा के खिलाफ आइसा-इनौस राज्यव्यापी प्रतिवाद करेगा.
एक टिप्पणी भेजें
Loading...