बिहार : घर में शौचालय नहीं रहने से अशांत हैं शांति देवी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

बुधवार, 28 मार्च 2018

बिहार : घर में शौचालय नहीं रहने से अशांत हैं शांति देवी

toilet-less-home-bihar
घर में शौचालय नहीं रहने से अशांत हैं शांति देवी.वह लोहिया स्वच्छ बिहार मिशन के पोस्टरों को देखकर घर में शौचालय बनाने को सोचने लगी थीं. जब जीवा द्वारा उचरथू पंचायत के मुफ्तीपुर गांव में वास एण्ड व्हील से कार्यक्रम देखी तो वह अपनी सोच को साकार करने में अडिग हो गयी. किसान हैं श्याम राउत.अभी-अभी खेत से लौटे हैं.कंधे पर कुदाल रखे हैं.घर के बाहर खड़ी होकर शांति देवी कह रही है कि उनके 2 संतान है.1 लड़का और 1 लड़की.दोनों की शादी करनी है.इसके पहले शौचालय बनाना है. आठवीं कक्षा पास शांति देवी कहती हैं कि लोहिया स्वच्छ बिहार मिशन के पोस्टर और दीवारों पर शौचालय संबंधी नारा देख और पढ़कर घर में शौचालय बनाने को सोचने लगी.यह देख लिजिये.ईट खरीद लिये हैं. हम दोनों का पुत्र रविद्र कुमार छात्र हैं.  पीजी में हैं. वैशाख (अप्रैल) माह में विवाह करना है.पुत्री के ससुराल वालों कहना है विवाह अगले साल होगा.

कोई टिप्पणी नहीं: